>> रेगिस्तान में आई फूलों की बहार से लोगों के चेहरों पर आई मुस्कान
रेगिस्तान का नाम आते ही आपकी आखों के सामने एक वीरान सा मंज़र सामने आ
जाता होगा. होंठे पर प्यास और आखों में मिट्टी की चिंता सताने लगती होगी.
नीचे दिख रही तस्वीर अटाकमा रेगिस्तान की है, जो पहले मंगल ग्रह से
मिलती-जुलती सी लगती थी. लेकिन तस्वीरें कभी एक सी नहीं रहती दोस्त.
रेगिस्तान में भी फूल खिल सकते हैं. इस बात का प्रमाण आपको आगे तस्वीरों
में दिखेगा.Source: crystalinks
मौसम में परिवर्तन बना गुलज़ार का विषय
दरअसल हमारे आस-पास का मौसम बहुत गतिशील होता जा रहा है. इस रेगिस्तान में भी इसका प्रभाव ही मौसम के बदलाव का पर्याय बना. सोचिए ज़रा कि विश्व के सूखाग्रस्त क्षेत्रों में शुमार अटाकामा रेगिस्तान में आख़िर फूल कैसे पनप गये? जी हां, प्रशांत महासागर के आसपास के इलाके में आये बदलाव के कारण यहां ऐसी हरियाली आ बसी है. ये बदलाव दुनिया के लिए चेतावनी भी साबित हो सकता है.

अलनीनो के खासे प्रभाव के कारण सेंटियगो के उत्तर में 600 किलोमीटर तक अटाकामा मरुस्थल के हूआसको इलाके में फूल ही फूल खिल चुके हैं.

दूर-दूर से लोग इन फूलों का दीदार करने के लिए आ रहे हैं.





तो देखा आपने, मौसम की करवटें कुछ भी कर सकती हैं. प्रकृति के कोई नियम नहीं होते, इसीलिए इसे अनंतहीन माना जाता है.