ये हैं ब्लाइंड CEO, महज 23 साल की उम्र में ही अपनी कंपनी बना ली
लोग
कह रहे थे कि अंधा है,बेकार है, मार दो इसे. घर वाले भी ग़रीब बाप पर कुछ
इसी तरह का दबाव डाल रहे थे. लेकिन बाप ने किसी की नहीं सुनी और अपने बच्चे
को पाला-पोसा, और इस लायक बनाया कि आज इस बच्चे की अपनी एक कंपनी है.अगर उदाहरण देखा जाए तो आपको भी सहमत होना पड़ेगा कि भारत चमत्कारों का देश है. ज़िंदगी जीने की ज़िद ने आंखों से नहीं दिखने वाले
श्रीकांत को आज एक कंपनी का CEO बना दिया. आज इनको ऐसी जगह खड़ा कर दिया जिसे पाने की ललक हरेक इंसान को होती है. श्रीकांत को बचपन से ही कुछ नहीं दिखता था और उनके पिता की कमाई महज 1600 रुपए ही थी. ऐसे में श्रीकांत को बहुत कठिनाइयों के साथ गुज़रना पड़ा. लोगों के ताने सुनने पड़े. स्थिति ऐसी हो गई कि 23 साल की उम्र में वे फूड एंड पैकेजिंग कंपनी के मालिक बन गए. इस कंपनी की सालाना आय 50 करोड़ रुपए है. आइए आपको श्रीकांत से जुड़ी और बाते बताते हैं.




