ये 15 बिंदास हरकतें हर किसी ने अपनी क्लास में ज़रूर की होंगी
1. टीचर को “गुड मॉर्निंग” कहना
बड़े ही सुरीले से अंदाज़ कहना “गुडडडडडडडडड मॉर्निंग टीचर.” आज भी याद आता है यार.2. पासिंग नोट्स
कागज़ पर कुछ लिख कर इधर-उधर अपने दोस्तों के पास फेंकना कोई भूल सकता है भला? जब टीचर ब्लैकबोर्ड पर कुछ लिख कर समझा रही होती थी, तो हमारा काम यही होता था छोटू...3. टीचर पर चुटकुले बनाना
क्लास में पीछे बैठने वाले “बैक बेंचर्स” जानते होंगे कि मैं किस बारे में बात कर रिया हूं. अपुन लोग को टीचर पर चुटकुले बनाने में बड़ा ही मज़ा आता था.4. बेंच पर अपने निशान छोड़ना
पेन से बेंच पर अपना नाम या फ़िर कुछ ऐसा लिखना जो याद बन जाये. ये वैसे अपनी सीट को ध्यान में रखने के लिए किया जाता था.5. दोस्तों पर कागज़ के गोले फेंकना
कॉपी से कागज़ को फ़ाड़ लेने के बाद क्या किया जाता था? डस्टबिन में फेंकने के बजाय दोस्तों पर मारे जाते थे ये कागज़.6. मैथ्स क्लास में ड्राइंग करना
जब मैथ्स वाले सर अपनी आवाज़ से हमारे दिमाग का दही कर रहे होते थे, तो टाइम पास करने के लिए यही काम बचता था.7. हिस्ट्री क्लास में सोना
हिस्ट्री की क्लास ही एक ऐसी क्लास होती है, जहां पढ़ने का रिवाज़ सदियों से नहीं है. हम भी उसी प्रथा का पालन करते हुये, बस सोते रहते.8. पहले बेंच पर बैठना
यहां बैठने के फ़ायदे और नुकसान दोनों ही हैं. अगर आप आगे बैठे हों तो आपको ब्लैकबोर्ड साफ़ दिखता था और दूसरी बात कि टीचर ब्लैकबोर्ड साफ़ भी आपसे ही करवाते थे.9. लास्ट बेंच पर बैठना
यहां के तो भाई मज़े ही कुछ और थे, यहां बैठने पर सब पर नज़र रखी जाती थी. पर आप टीचर की नज़र के सामने होते थे.10. डेस्क के नीचे छुप-छुपकर खाना खाना
क्लास के दौरान खाना खाने से सेहत सही नहीं होती थी, बल्कि टीचर खाना खाते देख ले, तो हालत पतली हो जाती थी.11. पेन फाइटिंग
क्लास में जब टीचर नहीं हुआ करते थे, तब हमारे पास ये भी एक गेम हुआ करता था. एक दूसरे के पेन को मारकर ही चैन मिलता था.12. ब्लैकबोर्ड पर अपनी कलाकारी दिखाना
लास्ट क्लास में यही काम बचता था. पूरा दिन जिस ब्लैकबोर्ड पर टीचर हमें समझाते थे, छुट्टी होने के बाद हमारा काम वो सब मिटाने का होता था.13. छुट्टी और गेम वाली क्लास का इंतज़ार
ये दोनों ही हमारे दिल को चैन देते थे. छुट्टी का पता चलते ही चीखते-चिल्लाते हुए मस्ती में सब भूल जाना.14. दोस्त की Attendance लगवाना
Present ma’am, present ma’am कहकर अपने दोस्त की proxy लगाना.15. दिन में सपने देखना
ये हम सब करते थे. आज भी दिन में सपने लेकर देखो तो अच्छा लगता है.Article is curated from ScoopWhoop.