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इंजीनियरिंग छोड़ कर इन दोनों दोस्तों ने खोली चाय की दुकान, आज करोड़ों कमा रहे हैं

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भाई एक कप चाय देना...अरे नहीं, तीन कप कर देना यार!' चाय की दुकान में घुसते ही हम कुछ इसी तरह से ऑर्डर देते हैं. देखा जाए तो भारत की 90 फीसदी जनता चाय पीती है. इस कारण यहां हर मोड़ पर, हर गली में, हर चौराहे पर चाय की दुकान मिलजाएगी. सड़क पर मिलने वाली ज़्यादातर चाय की दुकानें, किसी न किसी मजबूरी में खुली होती हैं. बेरोजगारी का आलम ऐसा है कि लोग ज़िंदगी जीने के लिए कुछ भी करने को तैयार रहते हैं. लेकिन कुछ ऐसे नौजवान हैं, जो इंजीनियरिंग के पेशे को छोड़ कर चाय की दुकान चला रहे हैं और लाखों कमा भी रहे हैं. इनकी कहानी सुन कर आप भी इनसे ज़रूर प्रेरित होंगे.   इंजीनियर से 'चायवाला' बने दो दोस्त अभिनव टंडन और प्रमीत शर्मा यूपी के रहने वाले हैं. आस-पास के लोग इन्हें कभी इंजीनियर साहब बुलाया करते थे, लेकिन आज 'चायवाला' कहते हैं. अपनी नौकरी छोड़ इन दोनों ने चाय की दुकान खोली, जो काफ़ी सफ़ल रही. चाय की होम डिलीवरी करते हैं इंजीनियर्स का दिमाग वास्तव में ख़तरनाक होता है. ये बात इन दोनों युवाओं ने साबित भी कर दी. चाय की होम डिलीवरी कर लोगों को अपना दीवाना ...

Maid से Model तक... एक नेक इंसान चाहे, तो किसी की भी ज़िन्दगी बदल सकती है

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आमतौर पर हम अपने घर की कामवाली बाई को कितना भाव देते हैं? हाल-चाल पूछने से ज़्यादा, और 'ये ठीक से करो, वो ठीक से करो' कहने के अलावा हम उनसे ज़्यादा बातें करना भी पसंद नहीं करते. बराबर में बैठाना तो छोड़ ही दीजिये. लेकिन समय के साथ चलने और खुले दिमाग के होने की मिसाल साबित की है गुड़गांव की एक डिज़ाइनर Mandeep Nagi ने, जो Shades of India की डिज़ाइन हेड हैं और Good Earth के लिए भी काम करती हैं. अपने नए कलेक्शन Cinnamon के लिए मंदीप को एक अलग मॉडल की खोज थी, और आपको ये जान कर आश्चर्य होगा कि वो मॉडल उन्हें अपने पड़ोसी की बाई में ही नज़र आई. मंदीप ने The Hindu को बताया कि, "The emphasis of our new collection, Cinnamon, is on textures and I wanted someone extraordinary". कमला (बदला हुआ नाम) को मंदीप ने मॉडलिंग के लिए जब कहा, तो उसे लगा कि वो मज़ाक कर रही हैं. उसने उनसे कुछ वक़्त मांगा और अंत में हां कर दी. कमला को प्रोफेशनल मॉडल्स के बीच शायद घबराहट हो, लेकिन वो खुद भी अपनी सुंदरता से अनजान थीं, जब तक मंदीप ने उन्हें नहीं तराशा. पहले  और अब...  ऐसा ट्रांसफॉर्मे...

ये हैं फ्लाइट अटेंडेंट बनने से पहले नीरजा भनोट की कुछ दुर्लभ तस्वीरें

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अभी हाल ही में रिलीज़ हुई सोनम कपूर की फ़िल्म 'नीरजा' की हर कोई प्रशंसा कर रहा है. ये कहानी थी फ्लाइट अटेंडेंट नीरजा भनोट की जिन्होंने Pam Am एयरलाइन में फंसे यात्रियों को आतंकवादियों से बचाया. ऐसा करते हुए उनकी जान भी चली गयी, मरणोपरांत अशोक चक्र से नवाज़ी गईं नीरजा भनोट सबसे कम उम्र की भारतीय थीं. फ्लाइट अटेंडेंट के साथ-साथ नीरजा ने कई टीवी कमर्शियल और Ads में काम किया था. आपने बचपन में नीरजा को कई विज्ञापनों में ज़रूर देखा होगा, लेकिन याद नहीं होगा. ये हैं उस समय की तस्वीरें:                                     और ये है अमूल चॉकलेट का वो Ad जिसमें नीरजा थी. इस वीडियो को अभी अमूल इंडिया ने शेयर किया है.    Neerja Bhanot in #Amul #Chocolate Ad in the 80's. #Neerja #NeerjaBhanot pic.twitter.com/dreQzgOc8J — Amul.coop (@Amul_Coop) February 20, 2016 Source: Twitter    

इन अपराधियों के बच्चों ने अच्छी पढ़ाई कर के बदल दी हैं लोगों की धारणायें

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एक रवायत रही है कई समय से, कि डॉक्टर का बेटा डॉक्टर ही बन सकता है, एक इंजीनियर का बेटा या तो प्रशासनिक अधिकारी बनेगा या फ़िर उसी की मानिंद इंजीनियर बनेगा, लेकिन हाल ही में ससंद हमले के दोषी अफज़ल गुरू के बच्चे ने अच्छे अंकों से परीक्षा पास करके इस भ्रम को और लोगों की फूहड़ मान्यता को तोड़ने का काम किया है. हम में से अधिकतर लोग अपना समय दूसरों के बारे में सोचने में बर्बाद करते हैं लेकिन जो 'कुछ करने वाले' होते हैं वो अपने काम को बिना किसी परवाह के करते चले जाते हैं. आतंकवादियों के बारे में यही धारणा रही है कि वो बहुत ही निर्मम होते हैं. ये जानने की कभी किसी की इच्छा ही नहीं होती कि उनका भी एक परिवार होता है, उनके दिलों में भी भावनाएं होती हैं. ये मानना एक टकसाली (स्टिरियोटाइप) बात ही है कि एक आतंकवादी का बेटा भी उसी राह पर चलेगा, जिस पर उसकी उम्र तमाम हुई है. इस लेख में हम आपको ऐसे बच्चों के बारे में बतायेंगे जिनके घर में से कोई न कोई संगीन अपराध से जुड़ा रहा है, पर इन्होंने उस राह को ना थामकर एक मिसाल पैदा की है. नालिनी मुरुगन की बेटी राजीव गांधी की हत...

पहलवानी में 'गामा' का कोई सानी नहीं था. ब्रूस ली भी इन्हें मानते थे अपना गुरु

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हो सकता है कि 'अपराजय ' शब्द गामा पहलवान के लिए ही बना हो. इसका अर्थ होता है कभी नहीं हारने वाला. गामा पहलवान दुनिया के ऐसे पहलवान थे, जिन्होंने अपनी ज़िंदगी में कभी कोई कुश्ती नहीं हारी. जहां भी गए विजेता बने, उनकी इसी बात से ब्रुस ली भी काफ़ी प्रभावित हुए थे और इम्प्रेस होकर बॉडी बनाना सीखा. गामा पहलवान विश्व विजेता थे, जहां जाते अपनी कुश्ती की छाप ज़रूर छोड़ कर आ जाते. आइए आज गामा पहलवान के बारे में आपको बताते हैं. कौन हैं गामा पहलवान? पंजाब के अमृतसर शहर में मशहूर पहलवान मोहम्मद अजीज के घर 1878 में गुलाम मोहम्मद का जन्म हुआ था. प्यार से लोग उन्हें 'गामा' कह कर बुलाते थे. पिता की देख-रेख में गामा पहलवानी करने लगे. 10 साल की उम्र में की पहलवानी जोधपुर में पहलवानी की प्रतियोगिता हुई जिसमें देश भर से हज़ारों पहलवान भाग लेने पहुंचे थे. इस प्रतियोगिता में गामा पहलवान ने भी भाग लिया. 10 साल की उम्र में उन्होंने अपनी कुश्ती से लोगों के दिलों में जगह बना ली. ख़ूब खाते थे और कसरत करते थे गामा पहलवान की ख़ासियत थी कि वे प्रतिदिन व्यायाम करते थे...

अपनी आवाज़ और अंदाज़ से दिन खुशनुमा बनाने वाले ये 17 RJs आखिर दिखते कैसे हैं

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2000 के दशक की शुरुआत में अगर आप किसी से पूछते कि 'क्या रेडियो सुनते हो?' तो अधिकतर लोगों को जवाब होता- 'नहीं'. लेकिन फिर 2004 में प्राइवेट FM रेडियो की शुरुआत हुई और वहां से शुरू हुआ रेडियो का पुनरुत्थान. आज कार ड्राइव करते वक़्त या एग्ज़ाम की पढ़ाई करते वक़्त, रेडियो आपके साथ-साथ चलता है और RJs या रेडियो जॉकी कब आपके जीवन का हिस्सा बन जाते हैं, पता ही नहीं चलता. RJs की शक्ल ज़्यादातर लोगों ने नहीं देखी होगी, लेकिन उनकी आवाज़ और अंदाज़ ही उनकी पहचान होती है. आज हम आपको बताने वाले हैं भारत के कुछ बेहतरीन RJs के बारे में जो रेडियो के ज़रिये बन गए हैं आपके बेस्ट फ्रेंड. 1. RJ रौनक रेडियो स्टेशन: Superhits 93.5 Red FM, दिल्ली शो का नाम: मॉर्निंग नंबर 1 (6 AM - 11 AM) Superhits 93.5 Red FM, दिल्ली का सुबह का शो होस्ट करने वाले RJ रौनक की कॉमिक टाइमिंग कमाल की है. उनका कैरेक्टर 'बउआ' इतना प्रसिद्ध हो गया कि Red FM को लोगों को ये बताना पड़ा कि रौनक और बउआ एक ही इंसान हैं. 2014 में रौनक को बेस्ट RJ का अवार्ड भी मिला था. Source:  Fusionlife 2. RJ ना...