कहते हैं कि शुरुआत तो फिर शुरुआत होती है और कोई काम छोटा या बड़ा नहीं
होता. शायद यही सब सोच कर ही आज बॉलीवुड में सितारों की अगली कतार में
शुमार किए जाने वाले ये कलाकार कभी बी ग्रेड फ़िल्मों में भी काम कर चुके
हैं. या फिर हो सकता है कि तब उनके पास कोई ख़ास काम न हो, मगर फिर भी उनकी
लगन और निष्ठा पर तो सवाल नहीं उठाए जा सकते. बाद बाकी आप भी इन्हें देखिए
और इन्हें धन्यवाद देना न भूलिए. आख़िर इन्होंने सबकुछ हमारे-आपके चेहरे
पर मुस्कान लाने के लिए ही तो किया...
1. अर्चना पूरन सिंह
मैं इस बात पर हर किसी से शर्त लगाने के लिए तैयार हूं कि, बॉलीवुड में
किसी महिला की ऐसी ज़ोरदार और बेलौस हंसी नहीं है. 90 दशक के शुरुआत में वे
कई बी ग्रेड फ़िल्मों में अभिनय कर चुकी हैं, और वे उस दौर की सबसे फिट और
ख़ूबसूरत अभिनेत्री मानी जाती थीं.
2. अक्षय कुमार
पुरानी दिल्ली की गलियों में बचपन बिताने वाले इस शख़्स ने उसके फ़िल्मी
करियर की शुरुआत बी ग्रेड फ़िल्मों से ही की थी. खिलाड़ी सीरिज से नेम-फेम
कमाने वाला यह कलाकार किसी जमाने में बी ग्रेड फ़िल्मों का सुपर हिट नाम
था.
3. ममता कुलकर्णी
ममता उनकी फ़िल्मों के अलावा अंडरवर्ल्ड की दुनिया में भी ख़ासी पॉपुलर
थीं. तिरंगा, करन-अर्जुन और वक़्त हमारा है जैसे फ़िल्मों में अभिनय कर
चुकी ममता बाद में दैवीय मंदिर खजुराहो जैसी फ़िल्म में अभिनय करती देखी
गईं.
4. ईशा कोप्पिकर
पहले-पहल तो ईशा बॉलीवुड के A Grade फ़िल्मों में ही काम करती देखी गईं.
मगर यहां जब उन्हें कोई ख़ास तवज्जो नहीं मिली तो उन्होंने B Grade
फ़िल्मों की ओर रुख कर लिया. हसीना फ़िल्म तो याद ही होगी आपको?
5. शक्ति कपूर
अब क्राइम मास्टर गोगो किसे याद नहीं? यह किरदार बी ग्रेड सिनेमा का
मशहूर किरदार हुआ करता था, औ र गुंडा फ़िल्म में चुटिया को कोई भला कैसे
भूल सकता है.
6. मिथुन चक्रवर्ती
जिमी-जिमी-जिमी आजा-आजा-आजा और आई ऐम अ डिस्को डांसर जैसे गानों पर डांस
करके देश की लड़कियों के दिल पर राज़ करने वाले मिथुन ने उनके करियर की
ढलान पर कई बी ग्रेड फ़िल्मों में काम किया. आज भी छोटे शहरों के सिंगल
स्क्रीन सिनेमाघरों में उनकी फ़िल्में धड़ल्ले से देखी जाती हैं.
7. राजेश खन्ना
इस नाम को इस लिस्ट में देख कर आप चौंक गए होंगे. हम भी चौंके थे मगर
क्या किया जा सकता है. किसी जमाने में बॉलीवुड के सुपरस्टार रह चुके राजेश
खन्ना उर्फ काका ने फिर से फ़िल्मों में वापसी के लिए बी ग्रेड फ़िल्मों को
ही चुना था, मगर काका की दूसरी फ़िल्मों के बजाय यह फ़िल्म औंधे मुंह गिर
पड़ी.