>> भारत की इन 10 दिलेर बहुओं ने पुरुष-प्रधान समाज की कह के ले ली
1. नेहा, उत्तर प्रदेश
नेहा शादी के जोड़े में बहूत खूबसूरत लग रही थी. जयमाल के लिए वो मंडप की तरफ़ जा ही रही थी कि उसने अपना बेरंग और सूना भविष्य देखा. उसका पति, अरविंद, मंडप में दारू पी कर आया था. और तो और उसने नेहा के कज़न्स से भी झगड़ा करना शुरू कर दिया क्योंकि मंत्र-उच्चारण के लिए उन्होंने DJ का म्यूज़िक बंद करवाया था. अरविंद और उसके दोस्तों ने बहूत हल्ला मचाया और नेहा के लिए बस इतना देखना काफ़ी था. उसने मंडप में ही उस आदमी से शादी करने से इंकार कर दिया. अपनी और अपने परिवार की इज़्ज़त के लिए नेहा ने ये फैसला लिया और उस पर अडिग रही.2. उर्मिला सोनवानी, छत्तीसगढ़
उर्मिला की शादी आखरी चरण पर थी. फेरों का समय हो गया था और अग्नि को साक्षी मान कर दो लोग शादी के प्रसंग में बंधने जा रहे थे. लेकिन एक अंधेरी सच्चाई ने उर्मिला की आंखें खोल दी. उर्मिला का होने वाला पति नशे में इतना धुत्त था कि उससे फेरों के लिए खड़ा ही नहीं हुआ जा रहा था. उर्मिला ने उसी समय निर्णय लिया कि जो हो जाए, वो इस इंसान से शादी नहीं करेगी. उसने वहीं शादी से मना कर दिया और उसके परिवार ने भी उसका समर्थन किया.3. संता देवी, राजस्थान
संता देवी का 11 साल की उम्र में ही उसके परिवार ने बाल विवाह कर दिया था. जब वो 19 साल की हुई तो उसे इस बात का पता चला. उसने तुरंत इस शादी को अमान्य घोषित कराने के लिए कोर्ट में अर्ज़ी डाल दी. जब पंचायत को इस बात का पता चला तो उन्होंने संता देवी और उसके परिवार का बहिष्कार करने का संदेश दे दिया और 16 लाख रुपये का जुर्माना भी लगा दिया. इस ओछी मानसिकता के खिलाफ़, संता देवी अब कानूनी लड़ाई लड़ रही है और अपनी पढ़ाई भी पूरी कर रही है.4. प्रियंका जैसवाल, उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश के मंत्री, सुरेन्द्र पटेल, हर साल वाराणसी में सामूहिक विवाह का बेतुका सम्मेलन आयोजित करते हैं. सारी रस्में विधि के अनुसार चल ही रहीं थी, जब सैकड़ों में से एक लड़की ने अपनी आवाज़ उठाने की ठानी. प्रियंका जैसवाल, शादी के मंडप से उठीं और इस जबरन शादी के खिलाफ़ विरोध किया. सिर्फ 16 साल की प्रियंका का कहना था कि वो ऐसे इंसान से कैसे शादी कर सकती हैं जिसे न तो वो जानती हैं, न ही उसके परिवार को.5. बेनाम दुल्हन, लखनऊ
ये बात है लखनऊ की और ज़ेबा (काल्पनिक नाम) का निकाह शुरू होने ही जा रहा था कि तभी लड़के के परिवार ने अपनी मांग सामने रख दी. उन्हें दहेज़ में मोटरसाइकिल चाहिए थी. ज़ेबा के परिवार को लगा कि ये शायद आखरी मांग होगी, लेकिन लड़के वाले कहां मानने वाले थे. निकाह के बाद उन्होंने प्रबंधों की बुराई करना शुरू कर दिया. ज़ेबा से और नहीं सुना गया और वो लड़के का घर छोड़ कर वापस आ गयी और तलाक ले लिया.6. पुनेश्वरी, छत्तीसगढ़
पुनेश्वरी और दीपक की शादी की आखरी रस्में चल रहीं थी कि तभी दूल्हा नशे की हालत में मंडप में आ गया. पुनेश्वरी ने फैसला किया कि वो ऐसे इंसान से शादी नहीं कर सकती और शादी तोड़ दी. इस बार गांववालों ने भी पुनेश्वरी का समर्थन किया और लड़के के परिवार को गांव से जाने को कह दिया.7. रेणु कुमारी, बिहार
जब रेणु, अपने दूल्हे, धन्नु का स्वागत करने बारात के सामने आयी तो उसने देखा कि वो अपने दोस्तों से घिरा हुआ है और नाच रहा है. यहां तक तो ठीक था लेकिन फिर रेणु को समझ आया कि वो दारू के नशे में चूर है और रेणु के परिवार वालों से बदतमीज़ी से बात कर रहा है. हद तब हो गयी जब उसने रेणु के रिश्तेदारों पर हाथ उठाना शुरू कर दिया. रेणु से ये देखा नहीं गया और उसने शादी के लिए मना तो किया ही साथ ही लड़के और उसके परिवार के खिलाफ़ केस भी दर्ज कर दिया.8. इंदिरा, उत्तर प्रदेश
जयमाल के बस कुछ ही मिनट पहले, इंदिरा का होने वाला पति, जुगल मिरगी का दौरा आने के कारण मंडप में ही गिर गया. संवेदनशील होने के बजाये, इंदिरा और गुस्से में आ गयी. वजह ये थी कि लड़के वालों ने ये ज़रूरी बात लड़की के परिवार से छुपा के रखी थी कि जुगल मिरगी की बीमारी का रोगी है. इंदिरा इतनी आगबबूली हो गयी की उसने शादी में आये एक मेहमान से शादी करना ठीक समझा. ये लड़का इंदिरा की बहन का देवर हरपाल सिंह था. सोच-विचार के बाद हरपाल ने शादी के लिए हां कर दिया और जुगल के परिवारवालों को मंडप से जाना पड़ा.9. बेनाम दुल्हन, उत्तर प्रदेश
सिर्फ़ 18 साल की मेघा (काल्पनिक नाम), अपनी शादी के लिए तैयार हो रही थी. उसे बताया गया था कि उसका होने वाला पति 25 साल का है. लेकिन जब वो मंडप में पहुंची तो उसका सामना सच्चाई से हुआ. दूल्हा असल में 38 साल का आदमी था. लड़के वालों की कपटता को देख कर उसने शादी के लिए मना कर दिया.10. लवली, उत्तर प्रदेश
शादी की रस्में शुरू होने से पहले, लवली ने अपने होने वाले पति से एक बहूत ही आसान सवाल पूछा कि 15 और 6 जोड़ें तो कितना होता है? दूल्हे ने जवाब दिया 17! ये बात लवली को क्रोधित करने के लिए काफ़ी थी. लड़के वालों ने ये बात छुपा के रखी थी कि लड़का अनपढ़ है और उसका मानसिक स्वास्थ ठीक नहीं है. लवली ने उसी समय शादी के लिए मना कर दिया.गर्व होता है इन महिलाओं पर जिन्होनें अपनी शर्तों पर ज़िन्दगी बिताना ठीक समझा. समाज की सोच बदलने के लिए हमें ऐसी ही वीरांगनाओं की ज़रुरत है. आप भी कमेंट कर के बताइये कि इन्होनें ठीक किया या नहीं?
Feature Image Source: womenpla.net