देश की भाषा अब विदेशी सरजमीं पर अपना परचम लहराने लगी है। कनाडा एक ऐसी
जगह हैं जहां पर पंजाबी भाषा बहुत ज्यादा बोली जाती है। कनाडा में तीसरी
सबसे बड़ी आम भाषा पंजाबी को बने हुए चार साल बीत गए हैं। जिसके बाद अब
कनाडा की संसद में पंजाबी तीसरी बड़ी भाषा का दर्जा प्राप्त कर चुकी है।
कनाडा के हाउस ऑफ कॉमंस में करीब बीस पंजाबी भाषीय उम्मीदवार चुने गए हैं।
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जानकारी के अनुसार अब पंजाबी भाषा कनाडा की तीसरी बड़ी भाषा बन गई है।
दरअसल अक्टूबर में कनाडा की संसद हाउस ऑफ कॉमंस के लिए चुनाव हुए। इस चुनाव
में दक्षिण एशिया मूल के करीब 23 सदस्य निर्वाचित हुए हैं। उनमें से मात्र
तीन ही ऐसे हैं जो पंजाबी नहीं बोलते। पंजाबी नहीं बोलने वालो में चंद्र
आर्य, गैरी आनंदसागी और मैरियम मोसेंफ हैं। इसके अलावा पंजाबी बोलने वाले
बीस उम्मीदवार में से 18 लिबरल और दो कंजरवेटिव हैं।