>> इंसानी मांस और जातीय संघर्ष


Human Flesh and Ethnic Conflictअफ्रीकी यूनियन कमीशन की रिपोर्ट के अनुसार गृहयुद्ध का सामना कर रहे सूडान में अब तक हजारों लोगों का विद्रोहियों और सेना द्वारा कत्ल किया जा चुका है। रिपोर्ट के मुताबिक इस बात के पुख्ता सुबूत मिले हैं कि गृहयुद्ध के दौरान सरकार और विद्रोहियों की ओर से पूरी प्लानिंग के साथ नरसंहार किया गया।

Human Flesh and Ethnic Conflict.Image Source: http://cdn2-b.examiner.com/
सूत्रों की माने तो इस बात के पुख्ता प्रमाण हैं कि युद्ध के दौरान दोनों पक्षों की ओर से हत्या, बलात्कार, यौन हिंसा एवं अमानवीय हरकतें की गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि सबसे खौफनाक बात यह है कि जो लोग मारे गए हैं उनके शवों से रक्त निकाला गया और दूसरे लोगों को पीने के लिए मजबूर किया गया। यही नहीं उनके मांस को भी खाने को मजबूर किया गया।
ज्ञात हो कि डिंका समुदाय के नेतृत्व वाली सरकार और नेउर समुदाय के लोगों के बीच जबरदस्त जातीय संघर्ष चल रहा है। इस जातीय संघर्ष की वजह से दो सालों में बीस लाख लोगों को बेघर होना पड़ा है, हालांकि सरकार और विद्रोहियों के बीच कई बार शांति वार्ता हो चुकी है, लेकिन कोई समझौता नहीं हो सका। हर बार संघर्ष विराम का उल्लंघन कर दिया जाता है।

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