
धरती
का स्वर्ग कश्मीर हो, या मोहब्बत की निशानी ताजमहल. ऐसी कई चीज़ें हैं,
जिन्हें सिर्फ़ भारत में ही देखा जा सकता है. यहां पर मौजूद विविधताओं के
कारण यहां पर्यटन से संबंधित कई जगहें हैं. पर रख-रखाव के अभाव में कई ऐसी
जगहें है जो आज विलुप्त होने की कगार पर हैं. आज हम आपको ऐसी जगहों के बारे
में ही बता रहे हैं, जिनकी खूबसूरती का कोई जबाव नहीं पर ये ज़्यादा दिनों
तक अपना साथ नहीं देने वाली हैं. तो जितनी जल्दी हो सके, इन जगहों की सैर
कर आइये. क्या पता बाद में मौका मिले न मिले.
1. राखीगढ़ी, हरियाणा
पुरातत्वज्ञताओं (Archaeologist) के लिए हिसार के राखीगढ़ी को देखना किसी
सपने से कम नहीं. सिंधु घाटी सभ्यता काल के सबसे बड़े स्थलों में से एक,
इसका पता 1997 में CBI द्वारा एक क्रिमिनल केस की छान-बीन के दौरान हुआ. ये
स्थल मोहनजोदड़ों और हड़प्पा में खोजे गए स्थलों से भी बड़ा है. पर ईंट
चोरों और रख-रखाव के अभाव के कारण ये स्थल धीरे-धीरे विलुप्तता की कगार पर
पहुंच चुका है.
2. राम सेतु, तमिलनाडु
राम सेतु नाम के इस प्राकृतिक ब्रिज को Adam's Bridge के नाम से भी जाना
जाता है. चूना पत्थरों का बना ये पुल भारत के धनुष्कोडी को श्रीलंका के
मन्नार द्वीप से जोड़ता है. ऐसा विश्वास किया जाता है कि ये सेतु रामायण काल
में वानर सेना द्वारा बनाया गया था. पर भारत सरकार के Sethusamudran
Shipping Canal Project के कारण ये सेतु खतरे में है.
3. सुन्दरवन, पश्चिम बंगाल
मैन्ग्रोव पेड़ों का जंगल और बंगाल टाइगर को उसके प्राकृतिक रूप में
देखने के लिए सुंदरवन डेल्टा दुनिया भर में मशहूर है. पर बढ़ता हुए मानव
हस्तक्षेप और ग्लोबल वार्मिंग के कारण बढ़ता जल स्तर इसके लिए ख़तरा बनता जा
रहा है.
4. Chiktan Castle, जम्मू कश्मीर
कारगिल क्षेत्र में स्थित Chiktan Castle को टूरिस्ट प्लेस तो नहीं कहा
जा सकता, पर इसे बनाने वाले कारीगरों के काम से भी इंकार नहीं किया जा
सकता, जिन्होंने 16 सदी में बिना किसी बड़े औज़ारों के इतनी खूबसूरत इमारत
को बनाया.
आज बेशक इसकी खूबसूरती की चमक मौसम की मार और रख रखाव के अभाव
में धुंधली पड़ती जा रही हो, पर 20वीं सदी के दौरान इसका उपयोग एक हॉस्पिटल
के रूप में किया जाता था.
5. शिमला सिविक सेंटर, हिमाचल प्रदेश
ब्रिटिश इंडिया में गर्मियों की राजधानी कहलाये जाने वाले शिमला में
अंग्रेज़ों द्वारा बहुत सी खूबसूरत इमारतों का निर्माण कराया गया, जिनमें
टेलीग्राफ़ ऑफ़िस, क्राइस्ट चर्च आदि शामिल थे. पर यहां हो रहे अवैध
निर्माण की वजह से World Monuments Funds द्वारा सिविक सेंटर समेत चार अन्य
इमारतों को खतरे में बताया गया है.
6. महमूदाबाद किले की कोठी, उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में स्थित महमूदाबाद के किले में स्थित ये
कोठी अवध शिल्प में बनाई गयी इमारतों में से एक है, जिसका निर्माण राजा
महमूद खान ने 1677 में करवाया था. इसका काफी हिस्सा 1857 के स्वतंत्रता
संग्राम में नष्ट हो चुका है. अपने गौरवशाली इतिहास को संजो कर रखने वाली
ये इमारत आज नष्ट होने के कगार पर पहुंच चुकी है.
7. जैसलमेर फोर्ट, राजस्थान
राजस्थान के राजपूतों के गौरवशाली इतिहास को दर्शाता जैसलमेर फोर्ट
दुनिया के सबसे बड़े किलों में से एक है. पर इसके आस-पास हो रहे अवैध
निर्माण और खुदाई के कारण ये किला अपनी रंगत खोता जा रहा है.
8. कोरल रीफ, लक्षद्वीप
समुद्र के बीच बसा कोरल रीफ किसी जन्नत से कम नहीं. पर मछली पकड़ने की
गतिविधियों और समुद्र के बढ़ता जल स्तर इसके लिए चिंता का विषय बनता जा रहा
है.
9. बालपक्रम फॉरेस्ट, मेघालय
मेघालय के दक्षिण में स्थित बालपक्रम नेशनल पार्क यहां के आदिवासियों का
प्राकृतिक आवास है. रेड पांडा के अलावा जंगली भैसों और अन्य जीवों को उनके
प्राकृतिक रूप में देखना एक अद्वितीय एहसास है, पर यहां होने वाली कोल
माइनिंग और बांध निर्माण इसके लिये मुसीबत बनते जा रहे हैं.
10. माजुली, असम
दुनिया के सबसे बड़े रिवर आइलैंड के रूप में विख्यात इस द्वीप पर आप
जंगली हाथी से ले कर बाघ और बहुत ही तरह के पक्षियों की प्रजातियां देख
सकते हैं, पर पेड़ों की होती अंधाधुध कटाई के कारण ये द्वीप 483 स्क्वायर
मीटर से 421 स्क्वायर मीटर पर आ गया है. एक सर्वे के अनुसार अगर इसी तरह से
यहां मानव हस्तक्षेप जारी रहा तो आने वाले 15-20 सालों में यह द्वीप पूरी
तरह से नष्ट हो जायेगा.