>> ये 13 कंपनियां अपने कर्मचारियों को ही डिसाइड करने देती की उन्हें कैसे काम करना है

माना जाता है कि निजी कंपनियों का एक ही लक्ष्य होता है, मुनाफ़ा. जिस तरह से निजी क्षेत्र बढ़ रहा है वो मुनाफ़े के अतिरिक्त अपनी ज़िम्मेदारियों को भी समझने लगा है. कई कंपनियां अपने कर्मचारियों की सुविधा को देखते हुए ऐसे कदम उठा रही हैं, जिनसे न सिर्फ़ उनको लाभ हो, बल्कि पर्यावरण को भी प्रदूषित होने से रोका जा सके.


1. पार्किंग नहीं? तो घर से करो काम. 


इलेक्ट्रानिक सामान बनाने वाली कंपनी फिलिप्स ने अपने कर्मचारियों के लिए एक अच्छा विकल्प रखा है. इस कंपनी के प्रवक्ता का कहना है कि “कई बार कर्मचारियों को ट्रैफ़िक जाम और रास्तों में चल रहे कंस्ट्रकशन की वजह से ऑफ़िस पहुंचने में तीन से चार घंटे लग जाते हैं. ऐसे में हमने सोचा कि कर्मचारियों को घर से ही काम करने देना चाहिए. और जब इस तरह की दिक्कतें न हों, तो वे ऑफ़िस आकर भी काम कर सकते हैं”.

2. जाम से निर्धारित होता है ऑफ़िस जाने का समय. 


मुंबई की निजी कंपनियां अपने कर्मचारियों के तय समय से एक मिनट की देरी पर भी दिन की एक तिहाई सैलरी काट लेती हैं. ऐसे में रिटेल में काम करने वाले ‘फ्यूचर ग्रुप’ ने अपने कर्मचारियों को ऐसी राहत दी है कि वे चैन की नींद सोते हैं. फ्यूचर ग्रुप के चीफ़ पीपल ऑफ़िसर कॉस्तुभ सोलांकर ने बताया कि “हमारे कर्मचारी 8:30 से 10:30 के बीच कभी भी आ सकते हैं. वे अपनी 8 घंटे की ड्यूटी कर वापस जा सकते हैं”.

3. इस ऑफ़िस के कर्मचारी अपनी मर्ज़ी से आते व जाते हैं. 


बंगलुरू में स्थित SAP लेब कंपनी अपने कर्मचारियों के आने-जाने पर किसी भी प्रकार की निगरानी नहीं रखती. यहां के कर्मचारी खुद ही यह निर्णय लेते हैं कि उन्हें कब काम करना है और कब छुट्टी लेनी है. यहां तक SAP अपने कर्मचारियों को हफ़्ते में एक दिन घर से काम करने का भी विकल्प देता है. अगर किसी कर्मचारी को एक से ज़्यादा दिन घर से काम करना है तो उसे इसकी जानकारी रिपोर्टिंग मैनेजर को देनी होगी. कंपनी के प्रवक्ता का कहना है कि “हमें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कोई कर्माचारी कितने घंटे काम करता है. हम उसके ऑउटपुट को देखत हैं”

4. PwC चुनती है अपने कर्मचारियों की सुविधा के अनुसार ऑफ़िस. 


ऑफ़िस की लोकेशन शहर के बाहरी क्षेत्र में होने के कारण कर्मचारियों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. पर PwC अपने ऑफ़िसों का निर्धारण अपने कर्मचारियों की सुविधा के अनुसार करती है. कंपनी के इंडिया ह्यूमन कैपिटल लीडर जगजीत सिंह कहते हैं, “मुंबई में वेस्टन सबर्ब यातायात के अनुकूल हैं. इसलिए हमने अपना ऑफ़िस गोरे गांव वेस्ट में खोला. कंपनी का राष्ट्रीय ऑफ़िस भी आम कर्मचारियों की सुविधा को देखते हुए नोएडा में देख रहे हैं”.

5. कर्मचारियों के आने से पहले खुल जाता है कोका कोला का ऑफ़िस. 


कोका कोला की लोकल यूनिट ने अपने कर्मचारियों की सुविधा को देखते हुए अपना ऑफ़िस 8:30 से अंधा घंटा पहले खोलती है और 5:15 बंद कर देती है. इससे कंपनी के कर्मचारियों को ट्रैफ़िक जाम होने पर भी ऑफ़िशीयल दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ता.

6. KPMG India: कहीं से भी काम करो. 


KPMG India कंपनी की पॉलसी बाकी कंपनीयों से थोड़ी हटके है. ये कंपनी अपने कर्मचारियों को कहीं से भी काम करने की सुविधा प्रदान करती है, चाहे इसके कर्मचारी घर पर हों या कहीं घूमने गए हों.

7. अपने कर्मचारियों को बस और कैब की सेवा देता है माइक्रोस्फॉट. 


हैदराबाद में माइक्रोसॉफ्ट के पास कई बसें हैं, जिनके ज़रिये वह परिसर में अपने कर्मचारियों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर छोड़ती है. यहां तक कंपनी की कैब्स कर्मचारियों को उनके घर से लेने और ऑफ़िस के बाद उन्हें छोड़ने जाती हैं.

8. इंफोसिस दे रहा है अपने 1.79 लाख कर्मचारियों को बस, कैब और साइकिल की सुविधा. 


देश के अन्य हिस्सों में इंफोसिस अपने 1.79 लाख कर्मचारियों के लिए बस, कैब और साइकिल की सुविधा उपलब्ध करवाती है. पुणे में इंफोसिस ने अपने कर्मचारियों को ऑफ़िस की बसों का प्रयोग करने के लिए ‘अब बस करो’ नाम से एक अभियान शुरू किया है. वहीं बंगलुरू में कंपनी कर्मचारियों को साइकिल से कार्यालय पहुंचने के लिए प्रोत्साहित कर रही है.

9. AmEx South Asia: यहां मंगलवार को कोई कार से नहीं आता. 


दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के कारण जहां एक तरफ़ सरकार चिंतित है वहीं दूसरी तरफ़ निजी क्षेत्र की कुछ कंपनियां भी इसके लिए कदम उठा रही हैं. AmEx South Asia अपने कर्मचारियों को लगातार प्रोत्साहित कर रही है कि वे ‘कार फ्री मंगलवार’ को सार्वजनिक वाहनों का इस्तेमाल करें. कंपनी के चेयरमैन संजय ने बताया कि “हम कर्मचारियों को एक जनवरी से शुरू होने वाले सम-विषम संख्या पर आधारित कार चलाने वाले अभियान के लिए भी प्रोत्साहित कर रहें हैं”.

10. प्रदूषण से निजात, कर्मचारियों की सुविधा-गुड़गांव की कंपनियों का लक्ष्य. 


Bacardi, Ericsson, Samsung और Amway, ने अपने गुड़गांव स्थित मुख्यालयों के कर्मचारियों की सुविधा के अनुसार उन्हें समय से छूट दी है. Bacardi के निदेशक विजय सुब्रहमण्यम कहते हैं कि दरअसल गुड़गांव में ट्रैफ़िक एक बड़ी समस्या है इसलिए हमने कर्मचारियों की सुविधा के लिए दिन में काम करने के तीन स्लॉट तैयार किए हैं. हम एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को ध्यान में रखते कर्मचारियों को मेट्रो इस्तेमाल करने का बढ़ावा दे रहे हैं.
Source: buzzingwheels

Popular posts from this blog

>> इन बेहूदा अफ़वाहों का सच जानने के बाद आप ख़ुद ही अपने बाल नोचेंगे

हर कोई करोड़पति बन सकता है, ये 8 लोग इसका जीता-जागता सबूत हैं

10 ऐसे बड़े झूठ जिन्होंने पूरे इंडिया को बेवक़ूफ़ बना दिया