>> दुनिया की 15 ऐसी जगहें जहां लोग घूमने नहीं, बल्कि Suicide करने जाते हैं

आपने दुनिया में घूमने की तो कई जगहें देखीं होंगी. कुछ प्रकृति द्वारा बनाई गईं, तो कुछ इंसानी कारीगरी का बेहतरीन नूमना होती हैं. लेकिन दुनिया में ऐसी भी जगहें हैं जहां लोग घूमने नहीं, बल्कि मरने जाते हैं. जी हां मौत को गले लगाने के लिए लोग दुनिया की कुछ कुख़्यात जगहों को चुनते हैं. सुनने में थोड़ा अजीब लगता है, लेकिन ये बिलकुल सच है.




1. San Diego-Coronado Bridge, California (USA)
करीब 200 फ़ीट की ऊंचाई वाला ये पुल सुंदरता की मिसाल है. लेकिन लोग इस हसीन पुल को मौत को गले लगाने के लिए इस्तेमाल करते हैं. 1972 में बने इस पुल से छलांग लगा कर करीब 200 लोगों ने अपनी जान दे दी. अमेरिका में इस पुल को मौत का पुल भी कहते हैं.

2. Humber Bridge, East Yorkshire and North Lincolnshire (England)
1981 में बने इस पुल की ऊंचाई 90 फ़ीट है, लेकिन 200 लोगों की जान ले लेने वाला ये पुल अभी भी वहां के लोगों के लिए आत्महत्या के लिए पहली पसंद बना हुआ है.

3. Sunshine Skyway Bridge, Tampa Bay, Florida (USA)
1987 से 2007 तक इस अमेरिका के पुल ने 207 लोगों की जान ले ली है, और हर साल इसमें तेजी से बढ़ोतरी हो रही है. इस खूबसूरत पुल से जान देना इसकी खूबसूरती पर दाग लगाने जैसा है.

4. West Gate Bridge, Melbourne, Victoria (Australia)
1970 में बने इस पुल ने बनने में ही 36 मज़दूरों की जान ले ली थी. 190 फ़ीट उंचे इस पुल से 2000 से ज़्यादा लोगों ने आत्महत्या की है. 1991 से 1998 के बीच इस पुल ने सबसे ज़्यादा मौतों को देखा है.

5. Beachy Head, East Sussex (England)
इस जगह की तस्वीर से ही आपको यहां की खूबसूरती का पता चल जाएगा. लेकिन इसकी खूबसूरती से धोखा न खाएं, लोग यहां नज़ारे देखने कम और आत्महत्या करने ज़्यादा आते हैं. हर साल इस जगह से करीब 20 लोग कूद कर अपनी जान दे देते हैं.

6. Niagara Falls, Ontario (Canada) and New York (USA)
दुनियाभर के पर्यटक प्रकृति के इस बेहद खूबसूरत नज़ारे को देखने जाते हैं. लेकिन पर्यटकों के साथ-साथ कई लोग यहां मौत को भी गले लगाने आते हैं. हर साल ये जगह करीब 400 लोगों की आत्महत्या की गवाह बनती है. आंकड़ों के मुताबिक अभी तक इस जगह से 2,780 लोगों ने जान दी है.

7. The Gap, New South Wales (Australia)
प्रकृति के एक और नज़ारे को कई लोगों ने दागदार किया है. यहां 50 लोग हर साल अपनी जान दे देते हैं. खूबसूरती से भरी इस जगह को यहां मरने वाले लोगों की वजह से नरक का द्वार भी कहा जाता है.

8. Nanjing Yangtze River Bridge, Nanjing, Jiangsu (China)
चीन के इस पुल को 1968 में जनता के लिए खोला गया था. लेकिन लोगों ने इसे सुविधा से ज़्यादा मौत के लिए चुना. साल 2006 में इस जगह से करीब 2000 लोगों ने कूद कर जान दी. चीन के लोग इस जगह को मौत का बुलावा भी कहते हैं.

9. Golden Gate Bridge, California (USA)
75 साल पुराना ये पुल कई मौतों का गवाह बना है. इस पुल ने 1500 लोगों को आत्महत्या करते देखा है. इस पुल को अमेरिका में मौत का फ़रिश्ता के नाम से भी जानते हैं.

10. Aokigahara Forest, Mount Fuji (Japan)
जापान के इस जंगल को भूतों का शहर भी कहते हैं. इस जगह को जापान में आत्महत्या के लिए लोग इस्तेमाल में लाते हैं. यहां मौतों की संख्या इतनी बढ़ गई थी कि जापान पुलिस ने यहां आने जाने पर रोक लगा दी. हर साल इस जगह पर करीब 100 लोग अपनी जान दे देते थे.

11. London Underground
रॉयल शहर London में आधुनिकता की भरमार है. इसी शहर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए दुनिया की सबसे फ़ेमस मेट्रो भी है. लेकिन यहां कई लोग सफ़र के लिए नहीं बल्कि जिंदगी के सफ़र को अलविदा कहने आते हैं. 19वीं सदी में बनी ये पूरी मेट्रो लाईन हर साल 150 लोगों को मौत से मिलवाती है.

12. Eiffel Tower
दुनिया के 7 अजूबों में से एक Eiffel Tower पूरी दुनिया में सिर्फ़ अपनी खूबसूरती के लिए ही नहीं, बल्कि लोगों की आत्महत्या के लिए भी जाना जाता है. इस Tower की ऊंचाई 1,063 फ़ीट है, जहां से अनगिनत लोगों ने कूद कर अपनी जान दी है. प्यार के इस शहर में मौत के गवाह इस Eiffel Tower की कहानी थोड़ी अजीब लगती है.

13. Nusle Bridge
Czech Republic की राजधानी Prague में बना ये पुल करीब 140 फ़ीट उंचा है. 40 साल पुराने इस पुल से करीब 300 से ज़्यादा लोग हर साल आत्महत्या कर लेते हैं. Czech Republic के लोग इसे मौत का पुल भी बुलाते हैं.

14. Prince Edward Viaduct
कैनेडा का ये पुल लोगों के लिए एक जगह से दूसरी जगह पर जाने के लिए ही इस्तेमाल में नहीं आता, बल्कि लोग अपनी ज़िंदगी को अलविदा कहने के लिए भी इस्तेमाल में लाते हैं. यहां से आत्महत्या की बढ़ती तादाद को देख कर सरकार ने इस पुल पर ऊंची-ऊंची जालियां भी लगा दी हैं.

15. Mount Mihara
हॉलीवुड की कई फ़िल्मों में इस जगह को इस्तेमाल किया गया है. ये जगह असल में ज्वालामुखी के लावे से बनी है. यहां के अंदर का भाग हर वक़्त तपता रहता है, जिसका तापमान 1200 डिग्री सेलसियस रहता है. लोग इस जगह के अंदर कूद कर एक दर्दनाक मौत को गले लगाते हैं. 1933 में इस जगह को जनता के लिए खोला गया था जिसके बाद से आज-तक यहां 950 से ज़्यादा लोगों ने अपनी जान दी है.

Image Source: listal & listverse

Popular posts from this blog

>> इन बेहूदा अफ़वाहों का सच जानने के बाद आप ख़ुद ही अपने बाल नोचेंगे

हर कोई करोड़पति बन सकता है, ये 8 लोग इसका जीता-जागता सबूत हैं

10 ऐसे बड़े झूठ जिन्होंने पूरे इंडिया को बेवक़ूफ़ बना दिया