>> अभी भी सचिन के बारे में बहुत कुछ है जानने के लिए, जो ये तस्वीरें बताती हैं.

सचिन तेंदुलकर एक ऐसा नाम है जिसके आस-पास क्रिकेट सांस लेता है. खेल को अलविदा कहने के बाद भी उनके फ़ैन्स की संख्या में कोई कमी नहीं आई है. आज भी दुनियाभर के फ़ैन्स उनकी एक झलक पाने के लिए बेताब रहते हैं. उनकी ज़िंदगी के कुछ ऐसे अनछुए पहलू हैं, जिन्हें आज भी हम और आप जानना चाहते हैं. क्रिकेट के ख़ुदा के बारे में जितना भी पढ़ो हर बार कुछ कम ही लगता है, और इनके बारे में हम कितना भी लिखें हमेशा कम पड़ता है. तो
आईए लिखने से ज़्यादा आपको लिटिल मास्टर की ज़िंदगी को तस्वीरों के ज़रिए दिखाते हैं, मासूम सचिन रमेश तेंदुलकर के मास्टर ब्लाटर बनने की पूरी कहानी इन्हीं तस्वीरों के ज़रिए बयां करते हैं.

1. 24 अप्रैल 1973 को सचिन का जन्म मुंबई में हुआ.


2. मराठी परिवार में जन्मे सचिन को बचपन से ही क्रिकेट से प्यार था.


3. इनके पिता ने सचिन का नाम अपने पसंदीदा गायक सचिन देव बर्मन पर रखा था.


4. सचिन घर में सबसे छोटे थे, जिसकी वजह से उन्हें घर में का़फ़ी प्यार मिला.


5. बचपन में सचिन काफ़ी शैतान थे. स्कूल से करीब-करीब हर रोज़ इनकी शिकायतें आया करती थी.


6. सचिन को क्रिकेट से दोस्ती उनके बड़े भाई अजीत तेंदुलकर ने करवाई थी.


7. सचिन अपनी स्कूल क्रिकेट टीम के लिए बहुत तेजी से स्टार बन कर उभरे.


8. स्कूल में उनकी बैंटिग देख कर उनके बड़े भाई ने उन्हें प्रोफ़ेशनल क्रिकेट की कोचिंग के लिए भेजा.


9. सचिन ने आचरेकर सर के अंडर में क्रिकेट कोचिंग शुरू की.


10. सचिन बैंटिंग में बिना आऊट हुए आते थे तो उनके कोच आचरेकर उन्हें एक रुपये का सिक्का देते थे.


11. सचिन को आऊट करने वाले गेंदबाज़ को भी ये एक रुपया मिला करता था.


12. भारत के सबसे बेहतरीन गेंदबाज़ों में से एक कपिल देव ने सचिन की प्रतिभा को पहचाना था.


13. सचिन पहले तेज़ गेंदबाज़ बनना चाहते थे, उनका चयन MRF Pace Foundation के लिए भी हुआ. लेकिन वहां के कोच डेनिस लिलि ने उन्हें गेंदबाजी छोड़ कर बल्लेबाज़ी पर ध्यान देने को कहा.


14. स्कूल के अलावा सचिन ने मुंबई के कई क्लब्स के लिए भी क्रिकेट खेला है. साथ ही उनका चयन Cricket Club Of India के लिए भी हुआ था.


15. 1988 सचिन के लिए सपने जैसा था. इस साल सचिन ने खेली हर पारी में सेंचुरी बनाई थी.


16. 1988 में सचिन मुंबई में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ थे.


17. 1989 में दिलिप ट्राफ़ी में सचिन ने नाबाद सेंचुरी बनाई थी, जिसके बाद उन्हें Rest Of India टीम में जगह मिली थी.


18. 11 दिसंबर 1988 में सचिन ने गुजरात के विरुद्ध अपने First Class Cricket की शुरुआत की, जहां उन्होने सेंचुरी लगाई और नाबाद रहे, वो First Class Cricket में सबसे कम उम्र में सेंचुरी लगाने वाले क्रिकेटर बने.


19. 16 साल की उम्र में सचिन को भारतीय टीम में जगह मिली.


20. साल 1992 में सचिन यॉर्कशायर की तरफ़ से खेलने वाले पहले विदेशी खिलाड़ी बने.


21. 24 मई 1995 को सचिन ने अपने से 6 साल बड़ी अंजली से शादी कर ली.


22. 1994 में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ़ पहली बार सचिन को भारतीय टीम में ओपनर के तौर पर जगह मिली, जिसमें उन्होंने 49 बॉल में 82 रनों की तूफ़ानी पारी खेली.


23. 1996 वर्ल्ड कप में सचिन सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ थे.


24. सचिन की बैटिंग में उनके फ़ैन्स को 'सर डॉन ब्रेडमेन' की झलक दिखती थी.


25. सचिन को क्रिकेट के अलावा टेनिस से भी प्यार है.


26. सचिन का मानना है कि उनको मिले गिफ़्ट्स में से उन्हें सबसे ज़्यादा पंसद है सुनील गवास्कर द्वारा दिए गए बैटिंग पैंड्स.


27. सचिन का वर्ल्ड कप जीतने का सपना 1992, 1996, 1999, 2003 और 2007 में पांच बार टूटा.


28. 2011 उनका आखरी वर्ल्ड कप था, जिसे जीतने का सपना सचिन के लिए पूरा भारत देख रहा था.


29. सचिन काफ़ी धार्मिक हैं और वो भगवान के दरबार में माथा टेकना कभी नहीं भूलते.


30. अपने धार्मिक गुरू सत्य साईं के निधन के दौरान सचिन ने अपनी जन्मदिन नहीं मनाया था.


Image Source: itimes

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