ऐसे लोग जिनके बिना ज़िंदगी चलती नहीं, फ़िर भी हमारे मुंह से तारीफ़ निकलती नहीं

यार ये जो थैंक्स word है न. है तो छोटा सा पर कसम से इस word के मायने बहुत बड़े हैं. गर्लफ्रेंड ने रिचार्ज करा दिया तो थैंक्स Sweet Heart, पापा ने पॉकेट मनी में कुछ इजाफ़ा क्या कर दिया तो थैंक्स पापा, और न जाने ऐसे ही कितने मौके होते हैं, जब हम किसी न किसी को थैंक्स बोलते हैं. पर आज की भाग दौड़ की जिन्दगी में उन लोगों को थैंक्स बोलना भूल जाते हैं, जिनका हमारी जिन्दगी में खासा योगदान रहता हैं, या यूं कहूं की रहा हैं.
आज की हमारी कोशिश है कि हम उन लोगों का शुक्रिया अदा करें जिनके बगैर हमारी जिन्दगी ऐसी न होती जैसी आज हैं.

1. रिक्शे वाले

क्या हुआ रिक्शे वाला ही तो है? चल न इसे भी कौन थैंक्स बोलेगा? पैसे दे तो दिए, वो क्या कम है. पर यार थोड़ा सा सोचो इस गर्मी में हमसे घर से बाहर भी नहीं निकला जाता और ये बंदा चिलचिलाती धूप में लोगों को बैठा कर उनके मुकाम तक पहुंचाता है.

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2. सफ़ाई वाला

सुबह-सुबह सड़क पर कई ऐसे बंदे मिल जाते हैं जो हाथों में बड़ी सी झाड़ू लेकर सड़कें या नालियां साफ़ करते हुए मिल जाते हैं. थोड़ी सी धूल क्या उड़ रही होती है हम अपने मुहं पर रुमाल रख लेते हैं. पर जो बंदा हमारे एरिया को साफ़ रखने के लिए खुद गंदगी में जाता है, उसकी हम कितनी और किस कद्र इज्जत करते हैं, हम सब से बेहतर कौन जानता होगा.

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3. पुलिस वाले

अबे नहीं यार! वहां से नहीं जा रहे, वहां ठुल्ले खड़े होंगे. और न जाने कैसे-कैसे शब्द जो हम पुलिस वालों के लिए बोलते हैं. हमारी एक सोच बन चुकी है, पुलिस वाला है तो भ्रष्ट ही होगा. पर यार अगर ये न हों तो क्या हाल होगा सबको पता ही है.

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4. किसान

खाने की कीमत हर कोई जानता है, उसी के लिए तो सब काम करते हैं. अगर कोई पूछे कि ये आया कहां से तो जवाब होगा कि दुकान से. पर इस दुकान और अपने पैसों के बीच हम एक को भूल जाते हैं, जो जून की तपती धूप और दिसम्बर की सर्द रातों में हमारे लिए खेतों में काम करने वाला किसान हैं.

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5. कस्टमर सर्विस रिप्रेजेन्टेटिव

यार कोई भी प्रॉब्लम हो, सबसे पहले हम कॉल सेंटर में फ़ोन मिलाते हैं. प्रॉब्लम ठीक हो जाये तो ठीक, नहीं तो वहीं से कंप्लेंट करते हैं. इंडिया में न जाने ऐसे ही कितने अनगिनत कॉल सेंटर चल रहे हैं, जो रात-दिन हमारी दिक्कतें दूर करने के लिए बैठे हैं. एक थैंक्स उन कॉल सेंटर में काम करने वालों के नाम भी बनता है बॉस.

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6. कांच साफ़ करने वाले

ऑफिस या बिल्डिंग के कांच पर धूल जम गई है, ओह हो अब पूरे टावर की show बिगड़ जाएगी. ऐसे में हमें जिसकी याद आती है वो होता हैं ‘विंडो क्लीनर’, जो अपनी जान जोखिम में डालकर एक रस्सी और एक पटरी के सहारे पूरी बिल्डिंग के कांच को ऐसे चमका देता है जैसे बिल्डिंग पर नया रंग कराया गया हो. प्यारी सी स्माइल के साथ एक थैंक्स बोल दो, ज्यादा थोड़ी न कुछ दे रहे हो यार.

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7. स्कूल टीचर

आज हम पटापट इंग्लिश बोलते हैं, लोगों को बोलने और काम करने का सलीका समझाते हैं, पर क्या हमने कभी सोचा है कि आज हम जिस मुकाम पर हैं वहां पहुंचाने में हमारी स्कूल टीचर का कितना बड़ा योगदान रहा है. हां मालूम है इतना टाइम नहीं है कि स्कूल जाकर टीचर को ढूंढे और थैंक्स बोलें. दिल में बोल दो यार अपने आप उन तक पहुंच जायेगा.

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8. Parents

ज़्यादा कुछ बोलने की ज़रुरत नहीं है, कोई बेवकूफ नहीं है, सब समझते हैं कि घरवालों ने हमारे लिए क्या-क्या किया है?

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9. सोल्जर

‘last But Not The Least’ ये सोल्जर फिल्म वाला कोई सोल्जर नहीं है, बल्कि सरहद पर खड़ा वो जवान है, जो अपने देश की हिफ़ाज़त के लिए दुश्मनों पर अपनी नजरे गड़ाए हुए है.

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