ये हैं वो 25 बहादुर बच्चे जिन्हे 26 जनवरी को करेगा पूरा देश सलाम
इस साल भारत सरकार ने 25 बच्चों को सम्मानीत करने का फ़ैसला लिया है. इस साल इस लिस्ट में तीन बच्चियां भी शामिल हैं. बाल वीरता पुरस्कार के लिए चुने गए अन्य बच्चों में निलेश रेवाराम भिल (महाराष्ट्र), कशिश धनानी (गुजरात), वैभव रामेश्वर घंगारे (महाराष्ट्र), दिशांत मेंहदीरत्ता (हरियाणा), चोंगथाम कुबेर मेतैई (मणिपुर), एंजेलिका टिनसांग (मेघालय),
मोहित महेंद्र दलवी (महाराष्ट्र), नितिन फिलिप मैथ्यू (केरल), सर्वान्द साहा (छत्तीसगढ़), बीधोवन (केरल), आनंदु दिलीप (केरल), मॉरिस येंगखाम (मणिपुर), अभिजीत के वी (केरल), साईं कृष्णा अखिल किलाम्बी (तेलंगाना), मोहम्मद शमनाद (केरल), अबिनाश मिश्रा (ओडिशा), शिवांश सिंह (उत्तर प्रदेश) शामिल हैं.
इन 25 बच्चों में से दो हमारे बीच नहीं रहे हैं. उन्होंने खुद की जान से ज़्यादा अपने दोस्त या ज़रूरतमंदों की जान समझी और बिना जान की परवाह किए बहादुरी के काम को अंजाम दिया. महाराष्ट्र के गौरव कवडीजी और उत्तर प्रदेश के शिवांश सिंह के माता-पिता इस अवार्ड को प्राप्त करेंगे.
स्कूल बस की ट्रेन से टक्कर में दो बहुमूल्य जिंदगियां बचाने वाली तेलंगाना की शिवमपेट रुचिता को गीता चोपड़ा पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा. जबकि अपनी मां की जिंदगी बचाने के लिए बाघ से भिड़ जाने वाले उत्तराखंड के अर्जुन सिंह को संजय चोपड़ा पुरस्कार दिया जाएगा.
डूब रही दो महिलाओं को बचाने वाले केरल के एरोमल एस.एम, बिजली की चपेट में आए दो लोगों को बचाने वाले मिजोरम के रामदिनथारा, कुएं में गिरे एक लड़के को बचाने वाले गुजरात के राकेशभाई शनाभाई पटेल को प्रतिष्ठित बापू गैधानी पुरस्कार दिया जाएगा.
इस लिस्ट को पढ़ कर हम गौरव के साथ कह सकते हैं कि ये महान देश के बहादुर बच्चे हैं. और हमें एक विश्वास हासिल होता है कि आने वाले वक़्त में हमारा देश कैसे मजबूत हाथों में जाने वाला है.