
इस बात का तो वैज्ञानिकों ने पुख्ता दावा कर दिया है कि एक जगह के ऊपर
दो बार से ज़्यादा बिजली नहीं चमकती. लेकिन आपको ये जानकर हैरानी होगी कि
दक्षिण अमेरिका के वेनेज़ुएला की एक झील के ऊपर तूफ़ानी रातों में हज़ारों
बार बिजली चमकती है. लोग इसे करिश्मा ही मानते हैं. और इस करिश्मे को
अलग-अलग नामों से जानते हैं. कुछ लोग इसे 'एवरलॉस्टिंग स्टार्म' कहते हैं,
तो कुछ 'ड्रैमैटिक रोल ऑफ़ थंडर' के नाम से पुकारते हैं.

260 दिनों में हज़ारों बार होती है गड़गड़ाहट
तूफ़ानी रातों में वैसे बिजली का चमकना कोई खास बात नहीं है लेकिन
इक्वेटर के पास जहां तापमान बहुत ज़्यादा है, वहां ज़्यादा बार बिजली का
चमकना आश्चर्यजनक है.

तूफ़ानी रातों की राजधानी
मध्य अफ्रीकी देश डीआर कांगों को तूफ़ानी रातों की राजधानी कह कर पुकारा
जाता है. इस क्षेत्र के पहाड़ी गांवों में साल के लगभग 160 दिन तूफ़ानी
रातों में बिजली चमकती है.
भारत में भी ज़्यादा चमकती है बिजली
बिजली सिर्फ़ अफ़्रीका और अमेरिका में ही नहीं, बल्कि पूर्वी भारत के
ब्रह्मपुत्र इलाक़े में अप्रैल से मई के बीच दुनिया में सबसे ज़्यादा बिजली
चमकती है. ये आंकड़े नासा द्वारा जारी किए हैं.

बिजली चमकने का विश्व रिकार्ड
वेनेज़ुएला की झील मैराकाइबो के नाम साल भर में सबसे ज़्यादा बार बिजली
चमकने का विश्व रिकार्ड दर्ज़ है. यहां प्रत्येक साल में एक किलोमीटर की
रेंज के अंदर 250 से ज़्यादा बार बिजली चमकने का रिकार्ड है.

सालों में हुआ है अध्य्यन
इस इलाके की जांच करने में वैज्ञानिकों को कई साल लग गये. वजह हालांकि
अभी भी धुंधली है. 1960 के दशक में माना गया था कि यहां यूरोनियम की मात्रा
ज़्यादा होने के कारण ज़्यादा बिजली की गड़गड़ाहट होती है. एक दूसरे
अध्य्यन में ये बात सामने आई है की, यहां तेल में मीथेन गैस की मात्रा
अत्याधिक होने के चलते ज़्यादा बिजली चमकती है. इसके अलावा एक तर्क ये है
कि झील के अंदर गर्म हवा के कण मौज़ूद होते हैं, जो ऊपर बढ़ना चाहते हैं.
इस दौरान ठंड़ी हवा के क्रिस्टल से जब वो टकराते हैं, तो बिजली चमकती है.
यहां चमकने वाली बिजली सूर्य की रौशनी जैसे लगती है. इसको लेकर कई
किवदंतियां भी हैं. लोगों ने अलग-अलग अफ़वाहें भी जड़ रखी हैं. लेकिन सच
क्या है, ये कोई नहीं जानता. हर वैज्ञानिक संस्था के अलग-अलग तर्क हैं,
लेकिन सत्य से अंजान हैं.
Source: bbc