दुनिया के 7 ऐसे पानी में डूबे शहर जो आपको इतिहास में ले जाएंगे
1. क्लियोपेट्रा का एलेक्जेंड्रिया, इजिप्ट
पुरातन काल के इजिप्ट में क्लियोपेट्रा नामक रानी राज किया करती थी. उसके अस्तित्व और कारनामों की कहानियां आज भी दंतकथाओं के रूप में कही-सुनी जाती हैं. सन् 1998 में पुरातत्ववेत्ताओं की एक टीम ने इस 1600 वर्ष पुराने शहर को समंदर के नीचे खोज निकाला. इतिहासकारों का मानना है कि भारी भूकंप के प्रवाह के वजह से यह शहर जलमग्न हो गया था. इतिहासकारों ने पुरानी मूर्तियों, मंदिरों के साथ-साथ क्लियोपेट्रा की मूर्तियां भी यहां से खोज निकाली. यहां से खोजकर्ताओं को काफ़ी मात्रा में पुराने खजाने भी हाथ लगे हैं.2. पैवलोपेत्री, ग्रीस
इस शहर के जलमग्न होने के पीछे की मुख्य वजह भी भूकम्प ही है. लगभग 1000 ईसा पूर्व का यह शहर इतिहास के सबसे पुराने जलमग्न होने वाले शहरों में से एक है. दुनिया के दूसरे शहरों की तरह इसे भी पूरी प्लानिंग के तहत बसाया गया था. इसे सन् 1967 में कैम्ब्रिज और नौंटिंघम यूनिवर्सिटी की टीम ने खोज निकाला था. यह शहर आज भी जल के भीतर कुछ इस तरह सुरक्षित है कि, जैसे लगता हो यह कल ही जलमग्न हुआ हो.3. पोर्ट रॉयल, जमैका
समंदर की लहरों ने आज सब-कुछ को ख़ुद के भीतर जज़्ब कर लिया है, जो किसी जमाने में दुनिया का सबसे हलचल भरा शहर हुआ करता था. यहां की शराब और वैश्याओं की वजह से यह पूरी दुनिया में मशहूर हुआ करता था. माना जाता है कि सन् 1692 में भारी भूकम्प की वजह से यह शहर समंदर में समा गया. इस तबाही में तब लगभग 2000 लोगों को उनकी जानें गंवानी पड़ी थी.बीसवीं सदी के शुरुआत में इस शहर के कई हिस्से समंदर के स्तर के ऊपर दिख जाया करते थे, मगर समय के बीतने के साथ-साथ सब-कुछ जलमग्न हो गया. पुरातत्ववेत्ताओं और रोमांच तलाशने वालों के लिए यह आज भी एक बेहतरीन जगह मानी जाती है.
4. द्वारका, भारत
हिन्दू धर्म में प्रचलित मिथकीय कथाओं की मानें तो द्वारका कभी श्री कृष्ण का शहर हुआ करता था. इसे दुनिया के सात सबसे पुराने शहरों में शुमार किया जाता है. इस पुरातन शहर का जिक्र महाभारत और कई पुराणों में भी देखने-सुनने को मिलता है. इस शहर के महलों में चांदी और सोने का भरपूर इस्तेमाल किया गया था, और माना जाता है कि श्री कृष्ण की मौत के बाद यह शहर धीरे-धीरे जलमग्न हो गया.5. योनागुनी-जिमा के पिरामिड्स, जापान
विद्वतजन और इतिहासकार आज भी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाये हैं कि, जापान का द्वीप पर बसा यह शहर मानव द्वारा बसाया शहर रहा है या फिर प्रकृति द्वारा. मगर इसकी तस्वीरों पर गौर करें तो हम सोचने पर मजबूर हो जाते हैं कि इसे प्रकृति ने किस प्रकार बनाया होगा. डाइविंग करने वालों के बीच यह पसंदीदा स्थान है. हालांकि इससे बच के भी रहना पड़ता है कि यह शार्कों के आने-जाने वाली जगह भी है.6. ओंटारियो के गुमनाम गांव, कनाडा
ऐसा नहीं है कि दुनिया के सारे जलमग्न शहरों के पीछे प्रकृति ही कारण हो. कुछ ऐसे भी हैं जिन्हें इंसान ने झीलों के निर्माण और नदियों के धाराओं को बदलने हेतु भी निर्मित किया गया है. सन् 1958 में कनाडा के ओंटारियो गणराज्य में दस जनजातियों के रहने वाले स्थल जलमग्न हो गया, जब संत लॉरेंस नदी को संत लॉरेंस समुद्रीपथ में तब्दील किया गया. आज भी इन गांवों के कई हिस्सों और पुराने दफनाए गए कब्रों को जल के भीतर देखा जा सकता है.7. क्विनडाओ झील की लॉयन सिटी, चीन
चीन के इस जलमग्न शहर को दुनिया के कुछ सबसे बेहतरीन शहरों में शुमार किया जा सकता है. यह शहर धरातल से लगभग 85 से 131 फीट की गहराई में स्थित है. इस पूरे शहर को बांध बनाने के क्रम में सन् 1950 में डूबो दिया गया. यह शहर हन राजवंश द्वारा बसाया गया था और इसकी लंबाई-चौड़ाई लगभग 62 फुटबॉल के मैदानों जितनी है. हालांकि आज भी यह एक पेचीदा सवाल बना हुआ है कि आख़िर चीन ने इस बेहतरीन शहर को क्यों जलमग्न किया.सन् 2001 में डाइवर्स ने यहां 265 कंगूरों को खोज निकाला है. यह कंगूरे आज जल के भीतर रोमांच तलाशने वालों के बीच ख़ासा चर्चित केन्द्र है.