बजाज स्कूटर से ले कर लूना की सवारी, शान थी 90's के दौर की

अपने आस-पास आपको कई ऐसे लोग मिल जायेंगे, जो 90s के गानों को गुनगुनाते हुए और उस दौर की चीज़ों की तारीफों के पुल बांधते हुए मिल जायेंगे. वैसे 90s का दौर कुछ था ही ऐसा जिसकी यादें आज भी दिल के किसी कोने के पिटारे में बंद हैं. आज हम 90s की कुछ ऐसी ही चीज़ों की यादें ताजा कर रहे हैं, जो कभी हमारी लक्ज़री लाइफ स्टाइल का हिस्सा हुआ करती थी




साइकिलों में एटलस किसी लड़के के ज़्यादा कूल होने की निशानी हुआ करती थी


केरोसिन स्टोव बहुत से रसोइयों की शान हुआ करता था.


कलर टेलीविज़न वाला घर मुहल्ले की जन्नत हुआ करता था


सड़कों पर खड़ी लूना किसी बुलेट से कम नहीं लगती थी


बजाज स्कूटर पर स्कूल जाना ऐसा लगता था कि कोई बादशाह अपनी सल्तनत देखने आया हो


शाम को दोस्तों, पड़ोसियों और घरवालों की मौजूदगी में केक काटना एक ऐसी याद है, जो अब बस केवल याद बन कर रह गई है.


सोनी के वॉकमेन का अपने पास होना कई युवाओं की ख़्वाहिश हुआ करता था


कैडबरी की चॉकलेट पसंद ज़रूर हुआ करती थी पर उस पसंद को पूरा करने के लिए जेब में पैसे नहीं हुआ करते थे


फिलिप्स के ये टेपरिकॉर्डर कई घरेलू पार्टियों में जान भरा करते थे


ब्रांडेड जूतों के नाम पर केवल बाटा और लिबर्टी ही हुआ करते थे


ज़्यादातर स्कूली बच्चे इनके लिए दीवाने थे


बेशक आज इनकी जगह XUV कारों ने ले ली हो. इनकी सवारी ज़्यादातर फैमिली पिकनिक की जान थी


आज की तरह ही बच्चे उस समय भी वीडियो गेम्स के दीवाने हुआ करते थे, बस उन वीडियो गेम्स की बात अलग होती थी


इन नोटों के जेब में होने पर ऐसा लगता था कि सारी दुनिया अपने कदमों में है


Source: dailymoss

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