कल तक जो कश्मीरी सेना के ख़िलाफ पत्थर उठाते थे आज वो 'जय हिंद' बोल रहे हैं

आज़ादी के बाद से ही भारत में जम्मू-कश्मीर एक अस्थिर जगह बन कर रह गई है. इसके पीछे अलगाववादी, आतंकवादी और पड़ोसी देश पाकिस्तान का ग़लत मंसूबा बताया जाता है. हालांकि हालात अब पूरी तरह से बदल रहे हैं. कल तक जो कश्मीरी युवक सेना के ख़िलाफ पत्थर उठाते थे, आज वो 'जय हिंद' का नारा लगा रहे हैं. ये कश्मीर की नई पीढ़ी है जो आज शांति के साथ रहना चाहती है. पिछले साल 950 कश्मीरी युवकों ने सेना में शामिल होकर पूरी दुनिया को जता भी दिया.

सेना के बारे में क्या सोचते हैं लोग?

लोगों का मानना है कि सेना हमारी शांति के लिए ही काम कर रही है. वहीं चरमपंथी, अलगाववादी और सीमा-पार आतंकी सिर्फ़ यहां के युवाओं को गुमराह करते आ रहे हैं.
Source: rediff

सेना में क्यों आना चाहते हैं लोग?

युवाओं का मानना है कि आर्मी में रिस्पेक्ट, डिसिप्लीन और ढ़ेर सारी सुविधाएं हैं.
Source: kashmirglory

सेना बेहतरीन काम कर रही है

पूर्व कोर कमांडर ले. जनरल एसए हसनैन (रिटा.) के अनुसार- सेना कश्मीरी युवाओं को बेस्ट इम्प्लॉइमेंट दे रही है.
Source: chinditsdefence

सम्मानजनक ज़िंदगी का सवाल है

कश्मीरी युवकों का मानना है कि ये मसला सेना ज्वाइन करने का नहीं, बल्कि सम्मानजनक ज़िंदगी का सवाल है.
Source: ibnlive

कश्मीर में कैसे आया बदलाव ?

लोग पुराने दर्द को भूलना चाहते हैं और नई शुरुआत करना चाहते हैं. 50 सीटों की वेकेंसी के लिए 40 हजार युवकों का फॉर्म भरना बतलाता है कि लोग बदलाव चाहते हैं.
Source: gaashonline

950 कश्मीरी युवकों ने आर्मी ज्वाईन की

जहां से कभी आतंकी निकलते थे, अब जवान निकल रहे हैं. पिछले एक साल में घाटी के 950 यंगस्टर आर्मी में भर्ती हुए हैं.
Source: hindustantimes

कश्मीर का हामिद

कश्मीर के हामिद इन दिनों सेना की शान बने हुए हैं. वो कहते हैं कि "पहले वक्त अलग था जब लोग आर्मी से वास्ता नहीं रखते थे, लेकिन अब आर्मी में आना चाहते हैं.
Source: newindianexpress

जहां से आतंकी निकलते थे अब सेना निकल रही है

एक समय था जब अनंतबाग को भारत का इस्लामाबाद कहा जाता था. यहां के युवाओं को गुमराह कर के आतंकवादी बनाया जाता था, लेकिन अब घाटी में सबसे ज़्यादा सेना की भर्तियां इसी जगह से हुई हैं.
Source: dailybackgrounds
कश्मीर में इन दिनों आर्मी में तेज़ी से भर्ती हो रही है. यह एक अच्छा बदलाव देखने को मिल रहा है. लोग अब शांति के साथ रहना चाहते हैं, एक सम्मानजनक ज़िंदगी के साथ अपनी ज़िंदगी गुजारना चाहते हैं. ऐसे में सरकार को इनके लिए नौकरी की पहल करनी चाहिए ताकि देश में अमन बढ़ सके.
Story Source: दैनिक भास्कर

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