बेवजह मोबाईल की घंटी का अहसास जब 'दिल' में होने लगे तो समझो 'ख़तरा' है
शुरुआती लक्षण को जानें
यह कोई गंभीर समस्या नहीं है, लेकिन बहुत अधिक फोन या टेक्सटिंग पर निर्भर लोगों के लिए यह घबराहट, एकाग्रता न होना, भावनात्मक असुरक्षा जैसी समस्याओं का इशारा हो सकता है.मुख्य वजह क्या हो सकती है?
फोन पर बहुत अधिक बात करने या किसी फोन या मैसेज का बेसब्री से इंतज़ार करने की स्थिति में भी बार-बार घंटी सुनाई पड़ने का आभास हो सकता है. बात-बात पर घबराने वाले लोगों को ऐसे आभास अधिक होते हैं.उपाय
दोस्तों या परिवार से फोन पर देर तक बात करने के बजाय लोगों से मिलिए और सामाजिक गतिविधियों में खुल कर भाग लीजिए.फोन पर लंबी बात करने के बजाय उपयोगी बातें ही करें.इस भागती-दौड़ती ज़िंदगी में सभी लोग व्यस्त हैं. ऐसे में मोबाईल एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. लेकिन लोग इसके इतने आदि हो गए हैं कि यह एक मानसिक बीमारी का कारण बन गया है. हमें मोबाईल यूज़ करने पर नियंत्रण करना चाहिए ताकि हम ऐसी बीमारियों से बच सकें.