बेवजह मोबाईल की घंटी का अहसास जब 'दिल' में होने लगे तो समझो 'ख़तरा' है

वर्तमान समय को मोबाइल का युग कहा जाए तो ग़लत ना होगा. हम मोबाइल के इतने आदि हो गए हैं कि हमारी ज़िंदगी पूरी तरह से मोबाइलमय बन गई है, जो अब एक आदत सी हो गई है. कई बार हमें महसूस होता है कि फोन की रिंगटोन बज रही है या मोबाईल में किसी का मैसेज आया है. लेकिन सच में ऐसा नहीं होता है. एक शोध के अनुसार 90 प्रतिशत लोगों को ऐसा महसूस होता है, जिसे 'फैंटम वाइब्रेशन सिंड्रोम' या 'रिंगज़ाइटी' कहते हैं. यह एक मानसिक बीमारी है. हालांकि यह कोई गंभीर समस्या नहीं है, लेकिन इसे कई गंभीर मानसिक समस्याओं का इशारा ज़रूर मान सकते हैं.

शुरुआती लक्षण को जानें

यह कोई गंभीर समस्या नहीं है, लेकिन बहुत अधिक फोन या टेक्सटिंग पर निर्भर लोगों के लिए यह घबराहट, एकाग्रता न होना, भावनात्मक असुरक्षा जैसी समस्याओं का इशारा हो सकता है.

मुख्य वजह क्या हो सकती है?

फोन पर बहुत अधिक बात करने या किसी फोन या मैसेज का बेसब्री से इंतज़ार करने की स्थिति में भी बार-बार घंटी सुनाई पड़ने का आभास हो सकता है. बात-बात पर घबराने वाले लोगों को ऐसे आभास अधिक होते हैं.

उपाय

दोस्तों या परिवार से फोन पर देर तक बात करने के बजाय लोगों से मिलिए और सामाजिक गतिविधियों में खुल कर भाग लीजिए.फोन पर लंबी बात करने के बजाय उपयोगी बातें ही करें.

इस भागती-दौड़ती ज़िंदगी में सभी लोग व्यस्त हैं. ऐसे में मोबाईल एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. लेकिन लोग इसके इतने आदि हो गए हैं कि यह एक मानसिक बीमारी का कारण बन गया है. हमें मोबाईल यूज़ करने पर नियंत्रण करना चाहिए ताकि हम ऐसी बीमारियों से बच सकें.
 Story & Image Source: metro

Popular posts from this blog

>> इन बेहूदा अफ़वाहों का सच जानने के बाद आप ख़ुद ही अपने बाल नोचेंगे

हर कोई करोड़पति बन सकता है, ये 8 लोग इसका जीता-जागता सबूत हैं

10 ऐसे बड़े झूठ जिन्होंने पूरे इंडिया को बेवक़ूफ़ बना दिया