इस दुनिया में बस दो तरह के लोग होते हैं. एक वो, जो अपना रास्ता खुद बनाते हैं और एक वो जो दूसरों के बनाये रास्तों पर चलते हैं. आज हम जिन रास्तों के बारे में आपको बता रहे हैं, बेशक उन्हें बनाया किसी और ने है. पर उन पर चलना किसी चुनौती से कम नहीं है. पर दोस्त, ये भी किसी एडवेंचर से कम नहीं.
1. युएयांग न्यू पाथ, चीन
जमीन से 300 मीटर ऊंचाई पर युएयांग पाथ को बनाने वाली चीन की स्पाइडरमैन आर्मी के हेड झांग बिन का कहना है कि यहां मौत कब आ जाये कोई नहीं जानता. क्योंकि हम ने यहां सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं कर रखा. यहां आने वालों के लिए शारीरिक रूप से ज़्यादा मानसिक रूप से तैयार होना ज़रूरी है.
किंग्सवे पाथ-वे के नाम से जाना जाने वाली एल केमिनिटो डेल रोड यूं तो 110 साल पुरानी है, जिसे 1905 में मजदूरों को लाने, ले जाने के लिए बनाया गया था, पर पर्यटकों की मौत के सिलसिले ने इसे 2000 में बंद करवा दिया.
स्विट्ज़रलैंड के
एबेनाल्प माउंटेन में बने प्राग एतिहासिक काल के बनी गुफाओं को देखने के
लिए बनाई गयी एबेनॉल्प पाथ का सफ़र यूं तो केवल 20 मिनट का है. पर इस छोटे से सफ़र के दौरान जिस एडवेंचर का अनुभव होता है, उसे अल्फाजों में बयां कर पाना मुश्किल है.
पश्चिमी चीन के गुलुकान गांव के बच्चों की जितनी भी तारीफ़ की जाये कम है क्योंकि हर दिन स्कूल जाने के लिए 5000 फीट लम्बे रास्ते से गुज़रना कोई हंसी मज़ाक का खेल नहीं है.
फ्रांस के रास्ते पुरी दुनिया भर में अपनी टफ़ साइकिलिंग टूर के लिए फ़ेमस है, पर पैदल चलने वालों के लिए यहां का रोच वेयरांड भी अपने अंदर कई रोमांच भरे पल समेटे हुए है.
चीन के शानकसी प्रांत की क्विलिंग पहाड़ियों के बीच समुद्रतल से 1614 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है हुशान पाथ, जिसे शान यु के नाम से भी जाना जाता है. चौथी सदी में बने इस रस्ते पर कभी तांग का शासन था, पर चीनी सरकार ने इसे एक टूरिज्म स्पॉट की तरह विकसित कर आय का अच्छा ज़रिया बनाया है. सुरक्षा के इंतज़ाम के बावजूद हर साल कई लोगों की यहां गिरने से मौत हो जाती है.\
इंटरनेट की दुनिया भी अजीब है. हमें बहुत सारा ज्ञान इंटरनेट से मिलता है, मगर कई बार ऐसी चीज़ें हमारे सामने आ जाती हैं, जिन पर विश्वास करना मुश्किल होता है, दरअसल ये अफवाहें होती हैं. पर इन अफवाहों को सच के लिफाफे में लपेटकर हम तक पहुंचाया जाता है और हम इन झूठों को सच मान लेते हैं. यहां हम ऐसी ही 10 अफवाहों का ज़िक्र कर रहे हैं, जो बहुत मशहूर हैं. आपने भी इनके बारे में जरूर सुना होगा-
कहते हैं कि पैसे से ख़ुशी नहीं खरीदी जा सकती. मगर फ़िर भी, अमीर लोग हमेशा ख़ुश नज़र आते हैं. और ऐसा कौन होगा जो अमीर होना न चाहे? यदि आपके बैंक अकाउंट में करोड़ों रुपये पड़े हों तो आपके चेहरे से मुस्कान तो जाती ही नहीं. मगर ऐसा करने में जहां कई अपनी सारी ज़िंदगी परेशान रहते हैं, वहीं कई अप्रत्याशित रूप से सौभाग्यशाली हो जाते हैं. अब इन सौभाग्यशाली लोगों पर ही एक नज़र डालें. मेरा तात्पर्य यह कतई नहीं है कि मैं उनकी जी-तोड़ मेहनत को खारिज करूं. मगर अमीर होने के ये तौर-तरीके आपको दंग न कर दें तो कहना!!!
कहा जाता है कि जंगल की आग से भी तेज़ कोई चीज़ फैलती है तो वो चीज़ अफवाह होती है. और जो बिना किसी सहारे के ही सैकड़ों, हज़ारों मीलों का सफ़र तय कर लेती है. हम हर रोज कोई न कोई नयी ख़बर सुनते हैं, जिनमें से कुछ सच और कुछ झूठ भी हुआ करती हैं. इससे जुड़ी ही एक बहुत पुरानी कहावत है जो हिटलर के प्रचार मंत्री ‘गोएबल्स’ से जुड़ती हैं. गोएबल्स कहता था कि किसी भी झूठ को 100 बार यदि जोर-जोर से बोला जाए तो वह अंतत: सच लगने लगता है. तो पेश हैं इंडिया के वे 10 ऐसे झूठ जिन्हें हम अब तक सच मानते रहे हैं. 1. 1960 रोम ओलम्पिक्स के 400 मीटर रेस के दौरान मिल्खा सिंह ने पीछे मुड़ कर देखा “फ्लाइंग सिक्ख” के नाम से पूरी दुनिया में मशहूर, मिल्खा सिंह 1960 के रोम ओलम्पिक्स के 400 मीटर रेस में कभी भी सबसे आगे नहीं थे. और न ही उन्होंने उस रेस में कभी पीछे मुड़ कर देखा था. वे इस रेस में पांचवे नंबर पर थे और काफ़ी मेहनत-मशक्कत के बाद चौथा स्थान हासिल कर सके थे. Source: merepix 2. नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मृत्यु विमान दुर्घटना में हुई थी सन् 1999 में आई मुखर्जी रिपोर्ट बताती...