
विश्व
में जब कभी भी युद्ध हुए हैं, तब देखा गया है कि मानवता ही मरी है. एक
कहावत ये भी है कि हर समस्या का समाधान युद्ध नहीं होता है. खूंखार आतंकी
संगठन ISIS की काली छाया के कारण सीरिया की हालत बदतर हो गयी है. कुछ
अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों की रिपोर्ट में कहा गया है कि वहां भुखमरी
की स्थिति उत्पन्न हो गयी है.वही सोशल मीडिया पर लोग वहां की भुखमरी की
तस्वीर साझा की है जिन्हें देख कर आपकी आत्मा भी रो पड़ेगी.
भुखमरी से दो लोगों की मौत हो गई
सीरिया में भुखमरी के कारण अब-तक दो लोगों की मौत हो गई है. लेबनान की
सीमा से 25 किमी दूर मडाया शहर में कम से कम 300 बच्चे कुपोषण से ग्रस्त
हैं. जबकि स्थानीय कार्यकर्ताओं का कहना है कि वहां के 40 हज़ार लोग भोजन व
दवा से वंचित हैं.
मिट्टी, पेड़ के पत्ते और पालतू जानवर पर आश्रित हैं लोग
खाना न मिलने की वजह से लोग मिट्टी खा रहे हैं. अपनी भूख मिटाने के लिए
लोगों ने पेड़ के पत्तों को खाना शुरू कर दिया है. स्थिति इतनी भयावह है कि
भूख मिटाने के लिए लोग अपने पालतू जानवर तक खा रहे हैं.
दवाई व खाने के समान खत्म
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, रेडक्रास ने कहा है कि वहां दवा व खाने की
चीजें खत्म हो गयी हैं. इस इलाके की ज्यादा तस्वीरें भी सामने नहीं आ पा
रही हैं. वहां सहायता सामग्री पहुंचाने में इसलिए दिक्कत हो रही है,
क्योंकि हिज़बुल्ला ने घेराबंदी कर रखी है. दरअसल, हिज़बुल्ला नहीं चाहता
कि इस्लामिक स्टेट के लड़ाके लेबनान में दाखिल हों. वहां की सहायता एजेंसी
इस जटिल परिस्थिति से परेशान हैं.
छत नहीं, प्लास्टिक जला कर पा रहे गरमी
हालात इतने बदतर हो गये हैं कि दवा, खाने के साथ बहुत सारे लोगों के पास
छत भी नहीं है. ऐसे में उन्हें जीवन यापन में दिक्कत होती है. लोग
प्लास्टिक जला कर खुद को गर्म रखते हैं.
घेराबंदी के कारण 23 लोगों को मौत हो गयी
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के एक प्रतिनिधि के हवाले से लिखा गया
है कि बुधवार तक इस कस्बे की घेराबंदी के कारण कम से कम 23 लोगों को मौत हो
गयी है, जिसमें बच्चें भी शामिल हैं.
सीरिया संघर्ष में अब-तक ढाई लाख लोगों की मौत हुई
सीरिया में पिछले पांच साल के संघर्ष में अब तक ढाई लाख लोग मारे गये
हैं. ऐसे में अब यहां शांतिप्रयास में लगे लोगों की नज़र जेनेवा में होने
वाली 25 जनवरी की बैठक पर है.
Story Source: Metro