
ISIS
लगातार नई-नई चेतावनी देता है. कभी सारे गैर-मुस्लिमों को अपमानजनक शब्दों
से संबोधित करता है, तो कभी बिना इच्छा के इस्लाम क़बूल करने की ज़बरदस्ती
करता है. मध्य एशिया से होते हुए ISIS का रुख अब साऊथ एशिया प्रांत की ओर
है. इस प्रांत में भारत भी शामिल है.
ISIS से निपटने की प्रत्यक्ष रूप से पश्चिमी देश भी कोशिश
नहीं कर रहे हैं. उत्तरप्रदेश के मेरठ में 'हिंदू स्वाभिमान संगठन' का
मानना है कि 2020 तक ये आतंकी सगठन अपनी पहुंच भारत तक कर लेगा. इसी बात को
आधार मानते हुए इस संगठन ने धर्म सेना का निर्माण किया है.
कैसे काम करेगा ये संगठन?
एक रिपोर्ट के मुताबिक ये बात सामने आई है कि पश्चिमी उत्तरप्रदेश काफ़ी
संवेदनशील इलाकों में से एक है. नाम ना ज़ाहिर करने की इच्छा रखते हुए
हिंदू सेना के नेता ने बताया है कि 15 हज़ार लोग आईएस से निपटने के लिए
तैयार खड़े हैं. इस सेना को विश्व हिंदू परिषद, दुर्गा वाहिनी और हिंदू
स्वाभिमान जैसे संगठन चला रहे हैं. इस धर्म सेना में बच्चों को भी शामिल
किया जा रहा है. कुछेक की उम्र तो 10 साल से भी कम है. गौर करें कि इन सभी
को तलवार और बंदूक चलाने का परीक्षण भी दिया जा रहा है.
गाज़ियाबाद में है मुख्यालय
इस धर्म का मुख्यालय गाज़ियाबाद के डासाना मंदिर में बनाया गया है.
सूत्रों के द्वारा पता चला है कि इस सेना के नेता यहीं उपलब्ध रह कर अपनी
विचारधारा का प्रचार-प्रसार करते हैं. फ़िलहाल इसके 50 कैंप हैं. इनमें काम
कर रहे लोगों को मेहनतताने के तौर पर खाना और कुछ धनराशि भी दी जाती है.
8 से 30 साल के लोग हुए भर्ती
इस धर्म सेना में जो लोग ट्रेनिंग ले रहे हैं उनकी उम्र 8 से 30 साल तक
है. इन सबको पहले बताया जाता है कि क्या होने वाला है, ग़र हालात खराब हो
जायें तो उनसे कैसे निपटा जाये. मेरठ के आईजी आलोक शर्मा का कहना है कि,
"उन्हें इसके बारे में कुछ नहीं पता". उन्हें इस तरह की कोई जानकारी कहीं
से फ़िलहाल नहीं मिली है.