दुनिया के ये 14 करिश्मे बार-बार नहीं, साल में होते हैं सिर्फ़ एक बार http://ajabnews.blogspot.com/2016/02/14.html
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आज किसी भी
तरह की जानकारी पाना बेहद आसान हो गया है. अब लोग इंटरनेट की मदद से खाने
बनाने के तरीकों से लेकर कई तरह की चीज़ों से जुड़ी जानकारी पाने में सक्षम
हैं, क्योंकि गूगल बाबा सब जानते हैं. लेकिन आप इस बात से अंजान हैं कि
कुछ कंपनियों ने आज भी अपने उत्पादों से जुड़ी जानकारियों को एक राज़ ही
रखा है, जिन्हें गूगल बाबा क्या... उस कंपनी के कर्मचारी भी नहीं जानते!
आज
जिस तरह से कुकुरमुत्तों की तरह कंपनियां खुल रही हैं, उसके बीच अपने
प्रोडक्ट को सबसे बेहतर बना कर रखने के लिए कंपनियां अपने इन रहस्यों को
राज़ बना कर रखती हैं. ज़रा सोचिए, अगर KFC के चिकन का टेस्ट आपको
McDonald's में मिलने लगे तो क्या आप KFC जाएंगे? नहीं न. यही कारण है कि
इन कंपनियों ने अपने उत्पादों को बनाने के तरीकों को दशकों से रहस्य ही बना
कर रखा है.
1. कोका-कोला को बनाने की विधि
1970 के दौरान भारत सरकार ने कोका-कोला से उनके उत्पाद
में प्रयोग होने वाली समाग्री की सूची मांगी ताकि वे भारत में व्यापार कर
सकें. कोका-कोला ने ऐसा करने से मना कर दिया और उसने भारत में तभी अपने कदम
रखे जब भारत सरकार ने इस कानून को बदल दिया.
कंपनी
के दो अधिकारी ही कोका-कोला से जुड़े इस फॉर्मुले के बारे में जानते हैं.
इस फॉर्मुले की जानकारी को अंटलाटा में स्थित ‘Sun Bank’ में सुरक्षित रखी
गई है.
2. लिस्ट्रीन के रहस्य से जुड़ा मामला – माउथवॉश
1880 में Pfizer ने जब माउथ वॉश का फार्मूला खरीदा, तो उन्होंने इस
फ़ॉर्मूले की खोज करने वाले डॉ जे.जे. लॉरेंस को अगले 70 साल इसकी रॉयल्टी
दी. Pfizer जो कि Listerine माउथ वॉश की कंपनी है, उसे कई सालों के बाद पता
चला कि माउथ वॉश का सीक्रेट पूरी दुनिया को पता है. इसके लिए उसने लॉरेंस
के परिवार पर मुक़दमा भी ठोका, लेकिन कुछ हुआ नहीं। सीक्रेट न होते हुए भी
लॉरेंस का माउथ वॉश फॉर्मूला एक सीक्रेट ही है.
3. Hapsburg नैपकिन को फोल्ड करने का तरीका आस्ट्रिया में राष्ट्र सीक्रेट है
ऑस्ट्रिया के ऑफिशियल डिनर और लंच में एक अलग तरह के नैपकिन्स का
इस्तेमाल किया जाता है. सरकार के केवल दो अज्ञात व्यक्ति ही इस नैपकिन को
सही तरके से फोल्ड करना जानते हैं. और ऐसा कोई दस्तावेज नहीं है जिसमें
नैपकिन को फोल्ड करने का तरीका बताया गया हो. जब वे कर्माचारी रिटायर होते
हैं तब ही वे नैपकिन फोल्ड करने का ये अद्भुत तरीका दूसरे को बताते हैं.
यही कारण है कि अब तक कोई दूसरा व्यक्ति इन नैपकिन को फोल्ड करने का सही
तरीका नहीं पता लगा पाया है.
4. भविष्यवाणी करने वाले इस सॉफ्टवेयर का रहस्य
शेयर बाज़ार के कारोबार में जिस सॉफ़्टवेयर की मदद से वित्तीय संस्थान
बाज़ार के रुझान को जानते हैं, उसे बनाने का रहस्य भी अब-तक रहस्य ही बना
हुआ है. शेयर बाज़ार में प्रयोग होने वाला ये सॉफ्टवेयर काफ़ी मूल्यवान है.
टॉप वित्तीय संस्थानों के पास ही अपने ट्रेडमार्क के सॉफ्टवेयर हैं, जिनका
इस्तेमाल वे मुनाफ़ा कमाने के लिए करते हैं. इनसे वे ये पता लगाते हैं कि
किस पर निवेश करना सही रहेगा. इस तरह के सॉफ्टवेयर को बड़े ध्यान से
नियंत्रित किया जाता है.
किसी ने ऐसे ही एक कंप्यूटर प्रोग्रामर के लिए इस कोड की कुछ लाइनों को उठा लिया, जिसके चलते उसे 8 साल की सज़ा सुनाई गई थी.
5. Led Zeppelin’s album cover पर बना चिन्ह
Led Zepplin का फैन कौन नहीं है! इस बैंड ने अपने एल्बम के कवर में कुछ
ऐसे सिंबल का इस्तेमाल किया है, जो सबकी समझ से परे है. इसी एल्बम में इनका
विश्विख्यात गाना 'Stairway To Heaven' भी है. इस गाने को भी कुछ लोग
'अलग' मानते हैं, क्योंकि इसके बोल किसी अलग शक्ति की और इशारा करते हैं.
वापस
आते हैं इसके सिंबल पर, जिनका मतलब सिर्फ इस बंद के आखरी मेंबर Jimmy Page
को पता है. इस एल्बम के लिए चारों मेंबर्स ने एक-एक सिंबल चुना था, क्या
सोच के? ये किसी को नहीं पता.
6. जेनेटिक क्रॉप्स
आज कंपनियां ऐसे बीज बानाने में सफ़ल हैं जिनसे किसी भी मौसम और माहौल
में अच्छी फसल पैदा की जा सकती है. इसका मतलब यह हुआ की ये बीज बेहद कीमती
हैं. अगर कोई किसान इन कंपनियों की इजाज़त के बिना इन बीजों का इस्तेमाल
करता है, तो कंपनी उसे गैर-कानूनी बताते हुए उसकी पूरी फसल को जला देती है.
7. Academy Awards के रिज़ल्ट को केवल दो लोग ही जानते हैं, वो भी 48 घंटे पहले
जब से Academy Awards की शुरुआत हुई है, तब से आज तक विजेता कौन है इससे
जुड़ी किसी प्रकार की जानकारी लीक नहीं हुई है. और यहां तक कि ये आज भी
Computerized नहीं है.
PriceWaterHouseCooper Auditors के दो
अधिकारियों द्वारा इन वोट्स को हैंडल किया जाता है. वे सभी वोट को एक-एक
करके देखते हैं और हाथ से उनकी जानकारी कागज़ में दर्ज करते हैं, जिसके बाद
वे परिणाम को दो अलग-अलग बक्सों में भर कर पुलिस अफसरों की निगरानी में
गंतव्य स्थान पर ले जाते हैं.
8. ऑटो-ट्यून प्रोसेसर
वास्तव में ऑटो-ट्यून को भूकंपीय डेटा का विश्लेषण करने के लिए बनाया
गया था. इसके बाद ही रचनाकारों को एहसास हुआ कि इस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल
विश्लेषण और रिकॉर्ड किए गए गीतों की डिजीटल वॉइस फाइलों को सही करने के
लिए भी कर सकते हैं. और इस तरह से ऑटो ट्यून ने म्यूज़िक उद्योग को पूरी
तरह से बदल दिया. आज अधिकतर गायक इसका इस्तेमाल अपनी आवाज़ को और बेहतर
रिकॉर्ड करने के लिए करते हैं. ये सॉफ्टेयर अपने आप में अकेला है, जिसका
कोई दूसरा प्रतियोगी नहीं है.
9. इस मैक्सिकन भाषा को केवल दो लोग ही जानते हैं
Ayapaneco नाम की इस मैक्सिकन भाषा को सिर्फ़ दो लोग ही जानते हैं.
लेकिन वे इस भाषा में एक-दूसरे से बात करने से मना करते हैं. कई भाषाओं की
तरह मैक्सिको में बोली जाने वाली Ayapaneco भाषा भी धीरे-धीरे मर रही है.
दुख की बात है कि वे दोनों ही इस भाषा में बात करना बिलकुल नहीं पसंद करते
हैं. लगता है अन्य भाषाओं की तरह ये भाषा भी खत्म हो जाएगी, वो भी सिर्फ़
इन दो जिद्दी बुर्ज़ुगों के चलते.
10. WD-40, नाम का फॉर्मूला Garage के हर काम में प्रयोग आता है.
WD-40 का प्रयोग लगभग Garage के हर तरह के कार्यों के लिए होता है, चाहे
वो सफ़ाई करना हो, ग्रीज़िंग या फ़िर मशीन के हिस्सों को पॉलिश करना. बीते
50 सालों से ये लोकप्रिय फॉर्मुला एक बैंक लॉकर में सुरक्षित रखा है, जिसे
सिर्फ़ दो बार ही वहां से निकाला जाता है. ठीक KFC के मसालों की तरह इस
उत्पाद को देश के तीन अलग-अलग स्थानों पर मिक्स किया जाता है.
11. न्यूयॉर्क टाइम्स का बेस्टसेलर लिस्ट में नाम
इस बात को कोई नहीं जानता की NYT (New York Times) कैसे बेस्ट सैलर की
लिस्ट में शामिल हो गया. जहां तक हमारा मानना है कि इस लिस्ट में शामिल
करने के लिए वे कॉपियों के उन नंबर्स को जोड़ते हैं जो विभिन्न बुक स्टोर्स
से बेची जाती हैं. लेकिन ये सच नहीं है! भले ही आपकी किताबें तक न बिकें,
लेकिन इसके बावजूद भी आप इस फेहरिस्त में शामिल हो सकते हैं.
12. इस ट्रिक को कार्ड मास्टर्स भी नहीं समझ पाते
कार्ड की वैसे तो कई ट्रिक्स हैं, जो आम लोगों की समझ से परे है! लेकिन
कुछ ऐसी होती है जिनको कार्ड मास्टर्स भी नहीं समझ पाते। ऐसी ही एक ट्रिक
है 'Berglas Effect'.
इस ट्रिक में जादूगर ताश की पूरी गड्डी किसी
को पकड़ाता है. फिर वो किसी दूसरे इंसान से कहता कि की भी एक पत्ता बताओ और
उसकी पोजीशन बताओ। जैसे दूसरा इंसान कहे, 10 नंबर पर चिड़ी का अट्ठा है. जब
जादूगर दूसरे इंसान को जिसके हाथ में कार्ड हैं, निकालने को कहता है, तो वो
वही होता है. इस ट्रिक को करने का तरीका, सिर्फ दो लोग जानते हैं. Mr
Berglas जिनके नाम पर ये ट्रिक राखी गयी है और उनका शागिर्द मार्क पॉल. आज
तक कोई इसे ढंग से नहीं कर पाया.
13. विश्व में केवल दो ही लोग KFC के मसालों की Recipe का रहस्य जानते हैं.
कोका-कोला की तरह ही KFC के दो अधिकारी ही उसकी Recipe का रहस्य जानते
हैं. उन्हें ही ये पता है कि वे कौन से मसाले हैं जिनका प्रयोग KFC करता
है. मैं आपको बता दूं कि इस कंपनी ने एक ऐसा लॉकर बना रखा है जिसे दोनों
अधिकारी एक साथ ही खोल सकते हैं, उसी में इस Recipe का फॉर्मुला सुरक्षित
रखा है. इस फॉर्मुले का राज़ न खुले इसके लिए सभी मसालों को अलग-अलग जगह
मिलाया जाता है.
14. इस विषेश तकनीक को सैमसंग ने खोजा था, जिसे बाद में चुरा लिया गया.
प्लाज़्मा डिस्प्ले की खोज सैमसंग द्वारा की गई थी, लेकिन एक व्यक्ति ने
इस कंपनी को छोड़ने से पहले प्लाज़्मा डिस्प्ले बनाने के तरीके को चुरा
लिया था. बाद में उस व्यक्ति ने इस रहस्य को एक चाइनिज़ कंपनी को बेच दिया
था, जिसकी कीमत अरबों में थी.
15. Hershey’s bar की recipe का रहस्य लगभग 100 सालों से राज़ ही बना हुआ है.
ये चॉकलेट अपने शुरूआती दौर में इतनी प्रसिद्ध नहीं थी, जितनी आज है. उस
समय इसका स्वाद कॉफी की तरह थोड़ा कड़वा और मीठा था. 1990 में पहली
Hershey की मिल्क वाली चॉकलेट का फॉर्मुला सामने आया, जिसके बाद इसका स्वाद
मीठा हो गया. इसके बाद ये चॉकलेट लोगों के जीवन का एक हिस्सा बन गई, जिसे
आज भी लोग बड़े चाव से खाते हैं. इस चॉकलेट को मीठा स्वाद देने का फॉर्मुला
आज भी रहस्य बना हुआ है. भले ही कई कंपनियां अलग-अलग चॉकलेट्स लाती रही
हों, लेकिन आज भी वे Hershey का स्वाद कॉपी नहीं कर पाई हैं.
इंटरनेट की दुनिया भी अजीब है. हमें बहुत सारा ज्ञान इंटरनेट से मिलता है, मगर कई बार ऐसी चीज़ें हमारे सामने आ जाती हैं, जिन पर विश्वास करना मुश्किल होता है, दरअसल ये अफवाहें होती हैं. पर इन अफवाहों को सच के लिफाफे में लपेटकर हम तक पहुंचाया जाता है और हम इन झूठों को सच मान लेते हैं. यहां हम ऐसी ही 10 अफवाहों का ज़िक्र कर रहे हैं, जो बहुत मशहूर हैं. आपने भी इनके बारे में जरूर सुना होगा-
कहते हैं कि पैसे से ख़ुशी नहीं खरीदी जा सकती. मगर फ़िर भी, अमीर लोग हमेशा ख़ुश नज़र आते हैं. और ऐसा कौन होगा जो अमीर होना न चाहे? यदि आपके बैंक अकाउंट में करोड़ों रुपये पड़े हों तो आपके चेहरे से मुस्कान तो जाती ही नहीं. मगर ऐसा करने में जहां कई अपनी सारी ज़िंदगी परेशान रहते हैं, वहीं कई अप्रत्याशित रूप से सौभाग्यशाली हो जाते हैं. अब इन सौभाग्यशाली लोगों पर ही एक नज़र डालें. मेरा तात्पर्य यह कतई नहीं है कि मैं उनकी जी-तोड़ मेहनत को खारिज करूं. मगर अमीर होने के ये तौर-तरीके आपको दंग न कर दें तो कहना!!!
कहा जाता है कि जंगल की आग से भी तेज़ कोई चीज़ फैलती है तो वो चीज़ अफवाह होती है. और जो बिना किसी सहारे के ही सैकड़ों, हज़ारों मीलों का सफ़र तय कर लेती है. हम हर रोज कोई न कोई नयी ख़बर सुनते हैं, जिनमें से कुछ सच और कुछ झूठ भी हुआ करती हैं. इससे जुड़ी ही एक बहुत पुरानी कहावत है जो हिटलर के प्रचार मंत्री ‘गोएबल्स’ से जुड़ती हैं. गोएबल्स कहता था कि किसी भी झूठ को 100 बार यदि जोर-जोर से बोला जाए तो वह अंतत: सच लगने लगता है. तो पेश हैं इंडिया के वे 10 ऐसे झूठ जिन्हें हम अब तक सच मानते रहे हैं. 1. 1960 रोम ओलम्पिक्स के 400 मीटर रेस के दौरान मिल्खा सिंह ने पीछे मुड़ कर देखा “फ्लाइंग सिक्ख” के नाम से पूरी दुनिया में मशहूर, मिल्खा सिंह 1960 के रोम ओलम्पिक्स के 400 मीटर रेस में कभी भी सबसे आगे नहीं थे. और न ही उन्होंने उस रेस में कभी पीछे मुड़ कर देखा था. वे इस रेस में पांचवे नंबर पर थे और काफ़ी मेहनत-मशक्कत के बाद चौथा स्थान हासिल कर सके थे. Source: merepix 2. नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मृत्यु विमान दुर्घटना में हुई थी सन् 1999 में आई मुखर्जी रिपोर्ट बताती...