दुनिया के ये 14 करिश्मे बार-बार नहीं, साल में होते हैं सिर्फ़ एक बार
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Anonymous
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Source- कुछ समय पहले तक हमारी दुनिया एक हद तक सीमित थी, पर इंटरनेट और मीडिया
ने हमको घर बैठे दुनिया का कोना-कोना घुमा दिया है. दुनिया में साल भर
हज़ारों अचंभित करने वाली घटनाएं होती हैं. पेश हैं ऐसी ही कुछ घटनाएं जो
साल में सिर्फ एक दिन या कुछ समय के लिए ही दिखती हैं.
1- जब इस पूरे देश की सड़कों से गायब हो जाती हैं कारें
Source- Images
यहूदियों के त्योहार 'योम किपुर' के दिन इज़राइल के सभी यहूदी अपनी कार
नहीं चलाते हैं. जिसके परिणाम स्वरूप इज़राइल का वायु प्रदूषण 70—90
प्रतिशत गिर जाता है.
2- यहां लाखों केकड़ों की वजह से रास्ते रोक दिए जाते हैं
Source- Todayifoundit
आॅस्ट्रेलिया के पास हिन्द महासागर में स्थित क्रिसमस आइलैंड में
केकड़ों का पलायन देखने लायक है. यहां साल में एक बार लाखों की तादाद में
केकड़े जंगल से महासागर की ओर जाते हैं. ये लाल रंग के केकड़े संख्या में
इतने ज़्यादा होते हैं कि, इनके चक्कर में रास्तों को बंद करना पड़ता है.
ये रास्तों में अण्डे देते हुए महासागर में चले जाते हैं
3- ये फूल 12 साल में एक बार खिलता है
Source- Dainikbhaskar
दक्षिण भारत के पश्चिमी घाटी में एक अजीब फूल की प्रजाति है, जो खिलने
में 1 से 16 साल लगाती हैं. इनहीं में से एक नीलकुरिंजी फूल 12 साल में एक
बार खिलता है.
4- हर साल 17 मार्च को हरे रंग में रंग जाता है अमेरिका
Source- Radio
अमेरिका में हर साल आयरिश और आयरिश—अमेरिकी संस्कृति को मनाने के लिए
लोग 17 मार्च को सेंट पैट्रिक दिवस मनाते हैं जिसमें हरे रंग के कपड़े और
खाने—पीने की वस्तुएं इस्तेमाल होती हैं.
5- हर साल के 11वें महीने की 11वीं तारीख को सुबह 11:11 मिलता है सम्मान
Source- Images
सशस्त्र सेनाओं के सम्मान में हर साल एंथम के एरिज़ोना में Veterans Day
Memorial के दिन सूर्य किरणें सीधी यहां बने अमेरिकी ग्रेट सील चिह्न पर
पड़ती है.
6- 1 मिनट में तीन बार नज़र आती है दिव्य ज्योति
Source- Christian
केरल के तीर्थ स्थल सबरिमलय मंदिर के ऊपर मकर संक्रांति के दिन 1 मिनट
में तीन बार दिव्य ज्योति दिखती है. इस बात की प्रमाणिकता के लिए कई विवाद
चल रहे हैं.
7- कैसे पहुंचती है इस छिपे हुए पत्थर पर रौशनी
Source- 4.bp
पेरू के माचू पिचू में जून अयनांत का संकेत दिखता है, यानि वो दिन जब
सूरज धरती के सबसे करीब होता है. 'द टोरेआॅन' नाम का टावर एक पत्थर के
इर्द—गिर्द बना है. इस टॉवर में एक खांचा है जिससे जून संक्रांति के दिन
टॉवर के पीछे रखा पत्थर चमकने लगता है.
8- 20 लाख से अधिक जंगली भैसों का झुंड नदी पार करता है
Source- Kifarusafari
दुनिया के 7 नए अजूबों में से एक ये वाइल्ड बीस्ट मायग्रेशन है. जहां
जुलाई से अक्टूबर के बीच 20 लाख से भी अधिक जंगली भैसें और अन्य जंगली
जानवर तंज़ानिया के सेरेंगेटी नेशनल पार्क से केनिया के मासाई मारा नेशनल
रिज़र्व में जाते हैं.
9- धूप से सांप बनता है यहां
Source- Holeinthedonut
ग्रीष्म और शीतकालीन संक्रांति के दिन मेक्सिको के चिचेन इत्जा, में
सूरज की छाया पड़ने से सांप बनता है. प्राकृतिक घटनाओं के अध्ययन के लिए
इसको वेदशाला के रूप में लोग इस्तेमाल करते हैं.
10- इस मंदिर का मुकुट बनता है सूरज
Source- I40
कंबोडिया का अंगकोर वाट मंदिर में वसंत विषुव के तीन दिन पहले ही संकेत
दिखते हैं जब सूरज मंदिर के तीनों टावर पर एक—एक कर मुकुट की तरह दिखता
है.
11- अजंता की गुफा में दो बार चमकती है भगवान बुद्ध की मूर्ति
Source- World
अजंता की 30 गुफाओं में से ग्रीष्म संक्रांति के दिन 26वीं गुफा में
भगवान बुद्ध की मूर्ति पर सूरज की सीधी रौशनी पड़ती है और शीतकालीन
संक्रांति के दिन 19वीं गुफा में स्थापित भगवान बुद्ध की मूर्ति चमकती है.
12- मिस्र के इस मंदिर से निकलती है दिव्य रौशनी
Source- Ahram
मिस्र का करनक और लक्सर मंदिर शीतकालीन अयनांत की सिधाई में आता है.
शीतकालीन अयनांत के सूर्योदय के वक्त सूर्य मंदिर की बाएं और दाएं दीवार के
बीच में होता है और रौशनी दोनों मंदिर के प्रवेश द्वार से होते हुए मंदिर
की प्रतिमा पर पड़ती है और देखने में किसी चमत्कार जैसा लगता है.
13- साल में सिर्फ एक बार खुलता है ये मंदिर
Source- Myujjain
उज्जैन का नागचंद्रेश्वर मंदिर साल में सिर्फ एक बार नांग पंचमी के दिन ही खुलता है, जिस दिन नाग देवता की पूजा होती है.
14- आख़िर ये नागा फायरबॉल क्या बला है
Source- Daily
एशिया के दक्षिण-पूर्वी भाग में बहने वाली मेकॉन्ग नदी में हर अक्टूबर
को गेंद के आकार की रौशनी नदी में गिरती है. इस घटना को नागा फायरबॉल का
नाम दिया गया है. रौशनी के इस तरह से नदी में गिरने का एक वैज्ञानिक कारण
है ये रौशनी ज्वलनशील फोसफीन गैस की वजह से होती है.
इंटरनेट की दुनिया भी अजीब है. हमें बहुत सारा ज्ञान इंटरनेट से मिलता है, मगर कई बार ऐसी चीज़ें हमारे सामने आ जाती हैं, जिन पर विश्वास करना मुश्किल होता है, दरअसल ये अफवाहें होती हैं. पर इन अफवाहों को सच के लिफाफे में लपेटकर हम तक पहुंचाया जाता है और हम इन झूठों को सच मान लेते हैं. यहां हम ऐसी ही 10 अफवाहों का ज़िक्र कर रहे हैं, जो बहुत मशहूर हैं. आपने भी इनके बारे में जरूर सुना होगा-
कहते हैं कि पैसे से ख़ुशी नहीं खरीदी जा सकती. मगर फ़िर भी, अमीर लोग हमेशा ख़ुश नज़र आते हैं. और ऐसा कौन होगा जो अमीर होना न चाहे? यदि आपके बैंक अकाउंट में करोड़ों रुपये पड़े हों तो आपके चेहरे से मुस्कान तो जाती ही नहीं. मगर ऐसा करने में जहां कई अपनी सारी ज़िंदगी परेशान रहते हैं, वहीं कई अप्रत्याशित रूप से सौभाग्यशाली हो जाते हैं. अब इन सौभाग्यशाली लोगों पर ही एक नज़र डालें. मेरा तात्पर्य यह कतई नहीं है कि मैं उनकी जी-तोड़ मेहनत को खारिज करूं. मगर अमीर होने के ये तौर-तरीके आपको दंग न कर दें तो कहना!!!
कहा जाता है कि जंगल की आग से भी तेज़ कोई चीज़ फैलती है तो वो चीज़ अफवाह होती है. और जो बिना किसी सहारे के ही सैकड़ों, हज़ारों मीलों का सफ़र तय कर लेती है. हम हर रोज कोई न कोई नयी ख़बर सुनते हैं, जिनमें से कुछ सच और कुछ झूठ भी हुआ करती हैं. इससे जुड़ी ही एक बहुत पुरानी कहावत है जो हिटलर के प्रचार मंत्री ‘गोएबल्स’ से जुड़ती हैं. गोएबल्स कहता था कि किसी भी झूठ को 100 बार यदि जोर-जोर से बोला जाए तो वह अंतत: सच लगने लगता है. तो पेश हैं इंडिया के वे 10 ऐसे झूठ जिन्हें हम अब तक सच मानते रहे हैं. 1. 1960 रोम ओलम्पिक्स के 400 मीटर रेस के दौरान मिल्खा सिंह ने पीछे मुड़ कर देखा “फ्लाइंग सिक्ख” के नाम से पूरी दुनिया में मशहूर, मिल्खा सिंह 1960 के रोम ओलम्पिक्स के 400 मीटर रेस में कभी भी सबसे आगे नहीं थे. और न ही उन्होंने उस रेस में कभी पीछे मुड़ कर देखा था. वे इस रेस में पांचवे नंबर पर थे और काफ़ी मेहनत-मशक्कत के बाद चौथा स्थान हासिल कर सके थे. Source: merepix 2. नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मृत्यु विमान दुर्घटना में हुई थी सन् 1999 में आई मुखर्जी रिपोर्ट बताती...