
आज
के इस बदलते दौर में जिस तरह से कुओं, तलाबों, झीलों और नदियों के
अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है, ऐसे में गुजरात के जेराम ठेसिया एक मिसाल
हैं. 65 वर्षीय ठेसिया सूरत के एक हीरा व्यापारी हैं, और वह इंगोराला गांव
के रहने वाले हैं. वे अपने गांव की नदी को पुर्नजीवित करने के लिए खुद ही
15 करोड़ रुपये खर्च कर रहे हैं. 10 किलोमीटर लंबी ‘थेबी नदी’ आज पानी के
लिए तरस रही है और अगर इसे जीवित कर दिया जाए तो यह गांव के किसानों के लिए
जीवन रेखा का काम करेगी. ठेसिया ने बताया कि ‘दो महीने पहले नदी की गहराई
सिर्फ़ दो फीट गहरी और 70 फीट चौड़ी थी, लेकिन अब तक हमने इसे 25 फीट गहरा
और तकरीबन 700 फीट चौड़ा कर दिया है. अगले दो सालों में नदी बारिश के पानी
से भर जाएगी’.

जेराम ठेसिया की कंपनी बिना तराशे और पॉलिश्ड हीरे का कारोबार करती है,
इसके अलावा वह सूरत में रियल एस्टेट और कमर्शियल स्कीम्स के बिजनेस में भी
लगे हुए हैं. इस गांव में ठेसिया को अब ‘रिवर-मैन’ के नाम से पहचाना जाने
लगा है.
उन्होंने बताया एक बार नदी गहरी हो जाए फ़िर दोनों किनारों
पर बसे लगभग 20 गांवों के लोगों को इसका फायदा मिलेगा. इससे भूमिगत जल का
स्तर भी बढ़ेगा. एक अनुमान के मुताबिक इस नदी से तकरीबन 70,000 बीघा ज़मीन
को फायदा मिलेगा.