
सालों से फ़िल्मी पर्दों की कई कहानियां असल ज़िन्दगी से प्रेरित दिखती
हैं, तो कई फ़िल्मों का असर, असल ज़िन्दगी पर नज़र आता है. कोई राधे भईया
बन कर सिग्नल पर भाईगिरी दिखाता है तो कोई नकली सीबीआई अफ़सर बन कर लोगों
को चूना लगाता है. लोगों की ऐसी क्राइम स्टोरी देख कर लगता है कि इन्होंने
क्राइम करना तो सीखा पर इसके बाद के अंजाम को नज़र अंदाज़ कर दिया.
आइये देखते हैं फ़िल्मी कहानियों से प्रेरित हुई कुछ असली क्राइम स्टोरीज़...
1- लक्ज़री गाड़ियां चुराते सुपर चोर के फैन
मशहूर सुपर चोर यानि बंटी चोर की ज़िन्दगी पर आधारित अभय देओल की फिल्म
'ओय लकी लकी ओय' साल 2008 में रिलीज़ हुई थी. इस फ़िल्म ने कॉफी चोरों को
प्रेरित किया. दिल्ली का मशहूर इसरार गैंग भी इसी का एक उदाहरण है. लक्ज़री
गाड़ियां चुरा कर दूसरे राज्यों में बेचने वाले इस गैंग का भांडाफोड़
दिल्ली पुलिस ने कुछ ही दिनों पहले किया.
2- जब पकड़े गए असली बंटी—बबली
अभिषेक बच्चन के लिए ये गौरव की ही बात होगी कि उनके किरदार से भी कोई
प्रेरित हो सकता है. साल 2005 में रिलीज़ हुई फिल्म बंटी और बबली ने देश
में कई चिन्दी चोरों का हौसला अफ़जाही किया. पिछले साल दिसंबर में बेंगलुरु
पुलिस ने किशोर कुमार ओर कविता को ज्वैलरी शोरूम में एक हार चुराने की
कोशिश में गिरफ्तार किया. इन दोनों का ठगने का अंदाज़ बिल्कुल अभिषेक
बच्चन और रानी मुखर्जी के फिल्मी किरदार जैसा ही था.
3- 'स्पेशल 26' ने दिया चोरों को स्पेशल कॉन्फिडेंस
जून 2015 में हुई 8 नकली सीबीआई अफसरों की गिरफ्तारी के बाद ये साबित हो
जाता है कि सीबीआई तोता तो नहीं पर पोपट तो बन ही गई. फिल्म 'स्पेशल 26'
देखने के बाद इन स्पेशल चोरों ने 2 जून 2015 को कपड़ा कारोबारी जयंती भाई
सरवैया के घर नकली रेड डालकर 1.75 करोड़ रुपए लूटे.
4- चोरी में 'धूम' मचाना चाहते थे ये
दिसंबर 2007 को केरल के कुछ चोरों ने चेलेम्ब्रा बैंक के फ्लोर में होल
कर के करीब 8 करोड़ रुपए का सोना और नकद की लूट की. सही मायनों में ये
फिल्मी चोरी के तर्ज पर ही थी क्योंकि किसी बैंक में गड्ढा करना किसी
मामूली दिमाग की उपज नहीं हो सकती. बाद में ग्रुप के लीडर ने ये बात कुबूली
कि उसे इस चोरी की प्रेरणा फिल्म 'धूम' देख कर ही मिली थी.
5- प्रापर्टी डीलर्स को भा गई 'खोसला का घोंसला'
फ़िल्म में कमल किशोर नाम के व्यक्ति की प्रापर्टी एक भू—माफिया हड़प
लेता है. इस फिल्म की तरह ही देश के कई शहरों में ऐसी अवैध कब्ज़े के
किस्से सामने आए थे. दिल्ली के कई डीडीए कर्मचारियों ने फ्लैट के फर्जी
दस्तावेज़ बना कर लोगों को ठग लिया. दूसरी तरफ भोपाल में भू—माफियाओं की
गुंडागर्दी और कब्ज़े की कई खबरें सामने आई. पुलिस ने इन मामलों को फिल्म
से प्रेरित बताया है.