दुनिया की इन 6 'Mysteries' की गुत्थी आज तक किसी की समझ नहीं आई

कहते हैं अगर धरती पर जीवन को  एक साल में बांट लें, तो इस एक साल के हिसाब से इंसान की उत्पत्ति 30 दिसंबर को मानी जाएगी. यानि इस दुनिया में हमारे आने से पहले ऐसा बहुत कुछ हुआ होगा जिससे हम अनभिज्ञ हैं. हालांकि इंसान इस बारे में पता लगाने की कोशिश करता रहा है और उसकी इसी जिज्ञासा की वजह से वो कई रहस्य जान पाया है. लेकिन हम इसमें बस 10 फीसदी क़ामयाब हुए हैं. हर दिन हमें किसी न किसी खोज में कुछ नई बात जानने को मिलती है और हमें ये एहसास होता है कि हम अपने  पूर्वजों के बारे में कुछ नहीं जानते.

ये हैं दुनिया-भर की वो Mysteries, जिनका जवाब साइंटिस्ट, इतिहासकार और बुद्धिजीवी, किसी को भी नहीं मिल पाया है.

1. Giant Stones of Costa Rica


इन पत्थरों को 1930 में सबसे पहले जंगल में सफाई के दौरान कुछ सफाई कर्मचारियों ने देखा था. हैरत की बात ये थी कि इनके बारे में किसी को नहीं पता था. और दूसरा कारण था, इनका विस्मयकारी तरीके से गोल होना. इतने गोल पत्थर धरती पर कहीं भी नहीं हैं. कुछ लोगों ने कहा कि इनमें सोना छिपा हो सकता है, लेकिन जब इन्हें डायनामाइट से उड़ाया गया तो, ये खाली निकले.


किसी को ये नहीं पता कि ये किसने बनाये और क्यों बनाये. कुछ लोगों का मानना है कि, शायद ये उस दौरान लोगों ने दिव्य शक्तियों को मानने के लिए रखे होंगे. या हो सकता है, इन पत्थरों से उन्होंने अपने राज्य की सीमा तय की हो. सच क्या है, ये किसी को नहीं पता.

2. The Baghdad Battery


अगर आपको लगता है कि इस दुनिया में बिजली हमारी सभ्यता लेके आयी तो आप बिलकुल ग़लत हैं. इसका सुबूत है 1930 के दशक में बग़दाद में मिली एक ऐसी प्राचीन कलाकृति, जिसका इस्तेमाल किसी ज़माने में बिजली बनाने के लिए किया जाता था. बग़दाद से थोड़ी दूर खुदाई के दौरान मिली ये 'बगदाद बैटरी' एक 13 सेंटीमीटर का जार है, जिसमें अंदर की तरफ एक लोहे की रॉड है. इसके अंदर एक कॉपर (ताम्बा) का सिलेंडर है, जिसके अंदर एक और कॉपर रॉड मिली है. वैज्ञानिकों ने जब इसका परीक्षण किया तो सामने आया कि इसका इस्तेमाल बैटरी के तौर पर किया जाता था और ये 1 Volt तक बिजली पैदा कर सकता है.
कुछ का कहना है कि इस बैटरी का यूज़ उस वक़्त सोने की इलेक्ट्रोप्लेटिंग के लिए होता था. हैरत की बात ये है कि उस समय इतनी बड़ी टेक्नोलॉजी लोगों के पास आई कहां से? दूसरी हैरान करने वाली बात ये है कि अगर लोग ये बैटरी इस्तेमाल कर रहे थे तो ईरान के आस-पास के क्षेत्रों में न ही इसका प्रयोग मिलता है और न ही इसके जैसे मिलते-जुलते यंत्र मिले हैं.

3. The Voynich Manuscript (हस्थलिपी)


ये लिपि शायद दुनिया की सबसे मुश्किल हस्थलिपि है. न इसके लिखने वाले का पता है और न ही ये पता चला है कि ये किस भाषा में लिखी है. इस मिस्टीरियस किताब में लिखा कोई भी शब्द आज की किसी भी भाषा से मेल नहीं खाता. किसी को नहीं पता कि इसमें लिखी बातों का क्या अर्थ है? 20वीं शताब्दी से बहुत लोगों ने इसको समझने की कोशिश की, लेकिन अभी तक किसी को इसमें सफलता नहीं मिली है.

4. The Incan Figures


काफी साल पहले साउथ अमेरिका में एक अजीब सी चीज़ मिली. इनका ढांचा 'Flying Machines'  की तरह था. हैरत की बात ये थी कि जिस भी इंसान ने इसे बनाया था, क्या उसके सामने सच में ऐसी कोई 'Flying Machine' रही होगी?


खैर, साल 1996 में दो जर्मन Aircraft Constructors, Algund Eeboom और Peter Belting ने इस मॉडल से 16 गुना बड़ा मॉडल बनाया, उसमें उन्होंने एक रेडियो कंट्रोल सिस्टम और इंजन लगाया.  सोचिये क्या हुआ होगा? ये Flying Machines आराम से काम कर रही थीं और कोई भी सामान उठा सकती थीं, जबकि इनका इंजन Off किया गया था.

5. The Genetic Disc


आप सोच सकते हैं कि जो 'Germs' डॉक्टर को माइक्रोस्कोप  में दिखती हैं, वो आप अपनी आंखों से देख लें? नहीं न? लेकिन हमारे पूर्वज देख सकते थे. जेनेटिक डिस्क में इसान के भ्रूण के पूरे चक्र को दिखाया और बनाया गया है. तस्वीरें डॉक्टर सिर्फ़ माइक्रोस्कोप या अल्ट्रासाउंड में देख पाते हैं, लेकिन इसमें इंसान के सर का अजीब-सा स्वरुप दिखाया गया है, जैसा हमने कभी नहीं देखा.
दूसरी बात, ये डिस्क किस धातू से बना है, ये आज तक किसी को नहीं पता चला. न ही कोई इसे बनाने का तरीका जानता है, जिससे ये सवाल उठता है कि क्या पुरानी सभ्यता हमसे कई आगे थी?

6. The Antikythera mechanism


कहते हैं Antikythera Mechanism दुनिया की सबसे प्राचीन कंप्यूटिंग प्रणालियों में से एक है. शायद, दुनिया का पहला कंप्यूटर और इसका डिज़ाइन उस समय के हिसाब से बहुत पेचीदा है. काफी सालों की रिसर्च के बाद हम ये समझ पाये कि इस यन्त्र का उपयोग सूरज और चांद की जगह चेक करने के लिए होता था. ग्रहों की दशा और चन्द्र-सूर्य ग्रहण का पता भी पहले के लोग इस मशीन से लगाते थे.

यहां तक कि ओलंपिक गेम्स जैसे खेलों में भी गति मापने के लिए इसका उपयोग हुआ है. लेकिन इसको लेकर भी बहुत विवाद हुए हैं. लोग कहते हैं, उस समय के लोगों में क्या इतना क्षमता रही होगी कि वे इतना जटिल और ठोस मापक यन्त्र बना पायें?
All Image Source: brightside  
Feature Image Source: reckontalk

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