सावधान! कूड़ेदान में पड़ी आपकी ATM Slip आपको महंगी पड़ सकती है
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आज हम एक शहर से दूसरे शहर
बेफ़िक्र हो कर घूमते हैं. इसके कई कारणों में से एक पैसों की सुरक्षा है.
हमारी जेब में मौजूद डेबिट और क्रेडिट कार्ड हमें पैसे चोरी होने की टेंशन
से दूर रखते हैं. अक्सर एटीएम मशीन के बगल में रखे डस्टबिन में पर्चियों का
ढेर बाहर तक निकला दिखता है, क्योंकि हमने कभी उस पर्ची की ज़रूरत को नहीं
समझा. पर इन पर्चियों की कीमत क्या है, हम आपको बताते हैं.
1- बैंक से लेन—देन का सबूत है
वो दिन लद गए जब आपके माता—पिता हर हफ़्ते बैंक सिर्फ पास बुक अपडेट
कराने जाते थे. आज आप एटीएम स्लिप को लेन-देन के सबूत के तौर पर इस्तेमाल
कर सकते हैं.चूंकि आज कल सारे लेन देन के रिकॉर्ड के लिए सॉफटवेयर इस्तेमाल
होते हैं, ऐसे में आप इन स्लिप को बैंक की किसी गलती को सुधारने के लिए
इस्तेमाल कर सकते हैं. अगर आपको यह चुनाव करने में मुश्किल है कि कौन सी
पर्ची रखें कौन सी नहीं तो आप कुछ समय तक सारी पर्ची रख सकते हैं. थोड़े
वक्त बाद जब आपको लगे की इसका कोई इस्तेमाल नहीं है तब इन्हें फेंक सकते
हैं.
2- दूसरे इसका गलत इस्तेमाल कर सकते हैं
टेक्नोलॉजी जैसे तरक्की कर रही है चोर भी वैसे ही तरक्की कर रहे हैं.
दुनियाभर में बैंक अकाउंट हैक करके लाखों डिजिटल चोर अपनी जेब भरते हैं,
जिसका कई अमीरज़ादों को पता भी नहीं चलता. दरअसल कई लोगों में छोटे
ट्रान्ज़ैक्शन करने के बाद बैलेंस देखने की आदत नहीं होती है जिसका ये चोर
फ़ायदा उठाते हैं.
3- आप अंजाने में साइबर क्राइम को बढ़ावा दे सकते हैं!
पर्ची को भले ही आप क्रश करके फेंकते हों पर हैकर्स के लिए उसे दोबारा
खोल कर डीकोड करना ज़्यादा मुश्किल नहीं है. ध्यान रहे अगली बार एटीएम से
पैसे निकालते वक्त बैलेंस स्लिप संभाल के रखें.
इंटरनेट की दुनिया भी अजीब है. हमें बहुत सारा ज्ञान इंटरनेट से मिलता है, मगर कई बार ऐसी चीज़ें हमारे सामने आ जाती हैं, जिन पर विश्वास करना मुश्किल होता है, दरअसल ये अफवाहें होती हैं. पर इन अफवाहों को सच के लिफाफे में लपेटकर हम तक पहुंचाया जाता है और हम इन झूठों को सच मान लेते हैं. यहां हम ऐसी ही 10 अफवाहों का ज़िक्र कर रहे हैं, जो बहुत मशहूर हैं. आपने भी इनके बारे में जरूर सुना होगा-
कहते हैं कि पैसे से ख़ुशी नहीं खरीदी जा सकती. मगर फ़िर भी, अमीर लोग हमेशा ख़ुश नज़र आते हैं. और ऐसा कौन होगा जो अमीर होना न चाहे? यदि आपके बैंक अकाउंट में करोड़ों रुपये पड़े हों तो आपके चेहरे से मुस्कान तो जाती ही नहीं. मगर ऐसा करने में जहां कई अपनी सारी ज़िंदगी परेशान रहते हैं, वहीं कई अप्रत्याशित रूप से सौभाग्यशाली हो जाते हैं. अब इन सौभाग्यशाली लोगों पर ही एक नज़र डालें. मेरा तात्पर्य यह कतई नहीं है कि मैं उनकी जी-तोड़ मेहनत को खारिज करूं. मगर अमीर होने के ये तौर-तरीके आपको दंग न कर दें तो कहना!!!
कहा जाता है कि जंगल की आग से भी तेज़ कोई चीज़ फैलती है तो वो चीज़ अफवाह होती है. और जो बिना किसी सहारे के ही सैकड़ों, हज़ारों मीलों का सफ़र तय कर लेती है. हम हर रोज कोई न कोई नयी ख़बर सुनते हैं, जिनमें से कुछ सच और कुछ झूठ भी हुआ करती हैं. इससे जुड़ी ही एक बहुत पुरानी कहावत है जो हिटलर के प्रचार मंत्री ‘गोएबल्स’ से जुड़ती हैं. गोएबल्स कहता था कि किसी भी झूठ को 100 बार यदि जोर-जोर से बोला जाए तो वह अंतत: सच लगने लगता है. तो पेश हैं इंडिया के वे 10 ऐसे झूठ जिन्हें हम अब तक सच मानते रहे हैं. 1. 1960 रोम ओलम्पिक्स के 400 मीटर रेस के दौरान मिल्खा सिंह ने पीछे मुड़ कर देखा “फ्लाइंग सिक्ख” के नाम से पूरी दुनिया में मशहूर, मिल्खा सिंह 1960 के रोम ओलम्पिक्स के 400 मीटर रेस में कभी भी सबसे आगे नहीं थे. और न ही उन्होंने उस रेस में कभी पीछे मुड़ कर देखा था. वे इस रेस में पांचवे नंबर पर थे और काफ़ी मेहनत-मशक्कत के बाद चौथा स्थान हासिल कर सके थे. Source: merepix 2. नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मृत्यु विमान दुर्घटना में हुई थी सन् 1999 में आई मुखर्जी रिपोर्ट बताती...