धौलपुर का ये शिवलिंग दिन में तीन बार बदलता है रंग
बसों से लेकर रेल में सफ़र करने पर आपको राजनीति और धर्म की बातें करने वाले बहुत मिलेंगे. ऐसे कथित बुद्धिजीवि समाज में केवल इसीलिए हैं, क्योंकि धर्म को हमारे यहां एक व्याप्क नज़र से देखा जाता है.
भारत में अलग-अलग मान्यताएं हैं नहीं बल्कि इन्हीं कथित बुद्धिजीवियों द्वारा अपने ख्याली दिमाग से बनाई गई हैं. हो सकता है लेखक का भी ये विचार मात्र एक ख्याली पुलाव ही हो. लेकिन राजस्थान के धौलपुर से आ रही ये खबर सच है कि वहां एक शिवलिंग दिन में तीन बार रंग बदलता है.
धौलपुर के पास है शिवलिंग
राजस्थान और मध्यप्रदेश की सीमा पर बसा है धौलपुर. यहां से चंबल की घाटी पास में ही है. अचलेश्वर महादेव नाम से यहां एक शिवलिंग है. इस शिवलिंग की लोग इस वजह से पूजा करने लगे क्योंकि सुबह, दोपहर और शाम को इसका रंग अपने आप बदल जाता है.

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जांच में कुछ नहीं पता चला
इस शिवलिंग की कई वैज्ञानिकों ने जांच भी की है, लेकिन हाथ कुछ नहीं लगा. भक्तों ने इसी कारणवश इसे कुदरत का चमत्कार मान लिया. गौर करें कि यहां आने का रास्ता काफ़ी कठोर पत्थरों से घिरा हुआ है लेकिन फ़िर भी लोग यहां आते हैं और अपनी मन्नतें मागंते हैं. स्थानीय लोगों की ये भी मान्यता है कि गर यहां अविवाहित लड़की दर्शन करने के लिए आती है, तो जल्द ही उसे उसके क़ाबिल एक उचित वर मिल जाता है.

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हजारों सालों पुराना है शिवलिंग
लोगों का कहना है कि ये शिवलिंग कई सालों से यहां स्थित है. लोगों की अलग-अलग मान्यताएं हैं, लेकिन जांचकर्ताओं का कहना है कि ये कम से कम हज़ार साल पुराना तो है ही.ये हमारा देश ही है, जहां भगवान इतने समय के बाद भी लोगों के मन में कहीं न कहीं ज़िंदा रहते हैं. इसका श्रेय उन्हीं लोगों को जाता है जो इन पर पूरी आस्था रखते हैं.