मुंबई की इस घटना ने साबित कर दिया कि कुछ इंसान जानवरों से भी बद्तर होते हैं!
The Times of India
के अनुसार मुंबई के भांडुप Bhandup (पश्चिम) में एक अज्ञात व्यक्ति ने
बंदर से परेशान होकर उस पर एसिड फेंक दिया, जिसके कारण बंदर के शरीर का
काफ़ी हिस्सा जल गया. शनिवार को इलाज के दौरान बंदर की दर्दनाक मौत हो गई.
सावधान: नीचे दी गईं तस्वीर आपको विचलित कर सकती हैं.
क्यों किया गया था बंदर पर हमला?
ज़ाहिर है कि भांडुप के कुछ निवासी बंदरों के आंतक से परेशान थे, और इसलिए उन्होंने बंदरों को उस स्थान से हटाने के लिए ‘वन विभाग’ में शिकायत की थी. लेकिन दुर्भाग्य से उनकी शिकायत पर विचार नहीं किया गया. यही कारण है कि उन्होंने इस समस्या से निपटने के लिए खुद ही एक रास्ता निकाल लिया और उस बंदर पर एसिड फेंक दिया. एसिड की मात्रा इतनी ज़्यादा थी कि उस बंदर के चेहरे और छाती का काफ़ी हिस्सा जल गया.
आगे क्या हुआ?
Resqink Association for Wildlife Welfare (RAWW) के कार्यकर्ता पवन शर्मा ने TOI को बताया:
लगभग एक सप्ताह पहले ‘भांडुप’ क्षेत्र के ‘तुलसीपाड़ा’ इलाके से हमें कुछ फ़ोन आए थे, जिनमें यह बताया गया था कि एक बंदर उस इलाके में घूम रहा है. कुछ दिनों बाद हमें किसी ने फ़ोन करके सूचना दी कि एक बंदर बुरी तरह से जल गया है. इसके बाद हम 16 फरवरी को वहां गए और उस घायल बंदर की ज़िंदगी बचाने के लिए उसे ठाणे SPCA ले गए. वहां डॉ. दीपा कात्याल द्वारा उसका इलाज किया गया, लेकिन शरीर का ज़्यादा हिस्सा जल जाने और गंभीर चोट आने के चलते उस बंदर की शनिवार को दर्दनाक मौत हो गई.
अब क्या?
पशु कार्यकर्ताओं ने कहा कि ‘अब हम पुलिस से मांग करेंगे कि वे पशु की क्रूर हत्या के दोषी को सज़ा दें’.
इसके
बाद, The Humane Society International (HIS-India) ने अपराधी की ख़बर
देने पर 50,000 का ईनाम रखा है. जिस व्यक्ति ने उस बंदर पर तेज़ाब फेंक कर
उसे मारने का प्रयास किया है उसे उचित सजा दी जाएगी.
DNA डीएनए से बातचीत में एचएसआई प्रबंध निदेशक NG Jayasimha ने कहा:इस तरह की घटनाओं से ज़ाहिर होता है कि इंसानों में किस तरह से हिंसक स्वभाव बढ़ रहा है. यह ऐसा समय है जब हमें इस तरह की घटनाओं को बढ़ने से रोकना होगा. ऐसे अपराधियों को उचित सज़ा मिलनी चाहिए, जिससे आने वाले समय में कोई दूसरा व्यक्ति इस तरह का क्रूर अपराध न करे.
Feature Image Source: RAWW