चांदनी रात में, मखमली सी चादर लपेटे, शीशे पर बारिश की बूंदों की तरह, देखिये दो जानों को एक होते हुए'.
लगता है न ये किसी बॉलीवुड फ़िल्म का मंज़र? लेकिन बांगड़ू, असल ज़िन्दगी
में ऐसा नहीं होता! असलियत में, जब भी समय मिलता है, अपने गंदे से बेड के
ऊपर, गला देने वाली ठंड या झुलसा देने वाली गर्मी में दो बदन, बस थोड़ी देर
के लिए एक हो रहे होते हैं. उसके बाद फिर वही बातें-
'घर पर दूध है क्या? चाय बना दूं?'...
फ़िल्मों में जिस प्रकार रोमांटिक या सेक्स सींस फिल्माए जाते हैं, वैसा
अधिकतर समय असल ज़िन्दगी में नहीं होता है. ये बात अलग है कि हम इन फ़िल्मों
को देख कर एक धारणा बना लेते हैं कि
'बेटे, जब मेरी ज़िन्दगी में प्यार आएगा न, देखना, प्यार से भी ज़्यादा प्यार करूंगा उसे!'. अजी घंटा!
कुछ मज़ेदार उदाहरणों के ज़रिये हम आपको बताते हैं कि रील लाइफ़ और रियल लाइफ़ के रोमांस में कैसे ज़मीन-आसमान का फ़र्क़ है.
1. खेत में रोमांस मतलब कीड़ों का लगेगा चांस
'दिलवाले दुल्हनिया ले जायेंगे' का वो यादगार सीन याद है, जब शाहरुख़ और
काजोल एक दूसरे की बाहों में खो जाते हैं? यार, असल ज़िन्दगी खेतों में
प्यार करने का मतलब है कि हज़ारों-लाखों कीड़ों से रूबरू होना. और तो और, अगर
दोनों में से किसी एक को एलर्जी है तो रोमांस सरदर्द बन जायेगा.
2. शावर सेक्स- मज़ा कम, सज़ा ज़्यादा
फ़िल्मों में कई बार ऐसे सीन दिखाए जाते हैं जब हीरो-हीरोइन शावर में
रोमांस और प्यार कर रहे होते हैं. असल ज़िन्दगी में ऐसा करना बहुत दुखदायी
होता है यार! पहली टेंशन- साथ नहा रहे हो, तो साबुन लगाना चाहिए या नहीं?
दूसरी टेंशन- आंखों और मुंह में पानी चला जाए तो क्या करें? तीसरी टेंशन-
अगर ठंड लगने लगे तो क्या रोमांस बीच में रोकना अच्छा आईडिया है? तो यार
इतनी टेंशन के बाद, कहां से होगा प्यार!?
3. बस एक टच से परमआनंद की प्राप्ति नहीं होती है
एक राज़ की बात आपको बताता हूं. पुरुषों के मुक़ाबले महिलाओं को Orgasm तक
पहुंचने में ज़्यादा समय लगता है. इसलिए जैसा फ़िल्मों में दिखाया जाता है
कि पहली रात में ही या अपने प्रेमी का पहला टच ही प्रेमिका को स्वर्ग जैसा
आनंद देता है, ये बिलकुल गलत है. सच्चाई ये है कि अपने पार्टनर को Orgasm
का आनंद दिलाने के लिए आपको बहुत मेहनत करनी पड़ेगी. और अगर आपकी पार्टनर हर
समय कामोन्माद तक पहुंचती है तो वो झूठ बोल रही है!
4. ऑफ़िस में सेक्स करोगे तो नौकरी और छोकरी से हाथ धो बैठोगे
ये बॉलीवुड और हॉलीवुड वाले न जाने किस ऑफ़िस की कल्पना करते हैं, जहां
सहकर्मी ऑफ़िस में ही सेक्स करने के लिए तैयार हो जाते हैं और उन्हें
मुनासिब जगह भी मिल जाती है. पहली बात तो, ऑफ़िस में ठरक मिटाना खतरे से
खाली नहीं है. दूसरी बात, किसके ऑफ़िस में ऐसे खुले विचारों वाले सहकर्मी
होते हैं, जो किसी भी समय सेक्स करने के लिए तैयार हो जाएं. बकवास!
5. आपकी गर्लफ्रेंड कभी Threesome के लिए राज़ी नहीं होगी
कुछ हॉलीवुड फ़िल्मों में दिखाया गया है कि प्रेमी-प्रेमिका और 'वो', एक
साथ, एक ही बेड पर प्यार की बौछार कर रहे हैं. अजी हां! कभी अपनी
गर्लफ्रेंड से पूछ कर देखना कि 'बेबी, तुम्हारी किसी दोस्त के साथ
Threesome किया जाए?' फिर देखना, Threesome की जगह भस्म कर दिए जाओगे.
6. बर्फ़ की क्यूब से बस सर्दी लग सकती है
उत्तेजना की तपन में जलते दो शरीरों पर जब ठंडी बर्फ़ की क्यूब का एहसास
होता है, तो दिल से आवाज़ निकलती है... अबे पागल है क्या!!! फ़िल्मों में
दिखाए जाने वाले रोमांस में जब भी बर्फ़ की क्यूब का इस्तेमाल होता है, तब
दोनों एक दूसरे को उत्तेजित करने की कोशिश कर रहे होते हैं. असल ज़िन्दगी
में ऐसा करने से आपको बस सर्दी लग सकती है और कुछ नहीं.
7. बेचारी जीभ एक हद तक ही सेह सकती है
फ़िल्मों में दिखाए जाने वाले चुंबन बहुत लम्बे होते हैं. हॉलीवुड फ़िल्म
'Blue Is The Warmest Color' में करीब 20 मिनट का किस सीन है. बेचारी जीभ
के बारे में कुछ तो सोचो! उसे भी बीच में आराम की ज़रुरत पड़ सकती है. आप तो
अपनी उत्तेजना में लगे रहोगे, लेकिन बेचारी जीभ का क्या? इसीलिए असल
ज़िन्दगी में किस इतने लम्बे नहीं होते यार.
8. जंगल में मंगल नहीं, सिर्फ़ दंगल हो सकता है
फ़िल्मों में दिखाते हैं न, घने पेड़ों की छाओं में, जंगली जानवरों के बीच
रोमांस का रोमांच अलग ही होता है. अगर आप अपने पार्टनर के साथ कभी जंगल
में कैंपिंग करने जाते हो, तो शर्त लगा कर कह सकता हूं कि रात में आपकी
टेंट में से निकलने में ही हालत टाइट हो जाएगी, रोमांस तो दूर की बात है.
9. रोमांस के समय इंद्र देव रहते हैं मेहरबान
ऐसा नहीं होता है! फ़िल्मों में जब भी प्रेमी और प्रेमिका का रोमांस का
मूड बनता है तो न जाने अपने आप बारिश कहां से आ जाती है. असल ज़िन्दगी में
अगर मूसलाधार बारिश हो रही है तो आप रोमांस के बारे में नहीं सोचोगे, ये
सोचोगे कि 'साला, घर में पानी न घुस जाए'. और वैसे भी... सेक्स के समय कहां
ध्यान रहता है कि मौसम कैसा है...
Source: BF
इन कारणों के अलावा अगर आपने भी फ़िल्मों में ऐसा कोई बेतुका रोमांस देखा
है जो असल ज़िन्दगी में नहीं हो सकता, तो हमें कमेंट कर के ज़रूर बताना.