ये फ़िल्में तो आपने देखी होंगी, लेकिन इन गलतियों पर आपकी नज़र नहीं गई होगी
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Anonymous
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फ़िल्मों को आप कितना ध्यान
से देखते हैं? आज ये पता चल जायेगा. क्योंकि आज यहां हम कुछ ऐसा पेश करने
जा रहे हैं, जो फ़िल्मों में फ़िल्माई गई गलतियों से संबंधी है. दरअसल कई
मर्तबा होता यही है कि हम देखते जाते हैं और आस-पास की चीज़ों को निपटाते
चले जाते हैं. ध्यान से दिखना बहुत कम लोगों को आता है. इस आर्टिकल को
पढ़ने के बाद हो सकता है आप फ़िल्मों को ध्यान से देखना शुरू कर दें.
1. रॉकस्टार
इम्तियाज़
अली की फ़िल्म रॉकस्टार में जिस वक़्त एक मामूली सा शख़्स जनार्दन से
जॉर्डन बनता है, तो चर्चे होने लगते हैं. अखबारों में तस्वीरें छपती हैं
लेकिन गौर से देखिए इन अखबारों को. केवल हेडिंग सही है. बाकि नीचे खबर कोई
और है.
ये तस्वीर देखिए, साडा हक़ गाने से पहले ये तस्वीरें
दिखाई गई थी. इसमें तस्वीर रणबीर कपूर की फ़ोटो है लेकिन कैप्शन शाहरुख खान
सें सबंधी है. इस तस्वीर में 'जब तक है जान' फ़िल्म का ज़िक्र किया गया
है.
इस तस्वीर ने तो हद ही कर दी. यहां तो जॉर्डन की गिरफ्तारी के बाद वर्ल्ड कप का ज़िक्र है.
2. क्रिश-3
'रघुपति राघव राज राम' गाने में ऋतिक रोशन पहले तो
पूरी बाजू की शर्ट में दिखते हैं लेकिन गाने में नाचते-नाचते न जाने कब
शर्ट अपने आप ऊपर चढ़ जाती है.
3. दिल वाले दुल्हनियां ले जायेंगे
'तुझे देखा तो ये जाना सनम',
इस हिट गाने में आपने एक बात नोट नहीं की होगी, पहले सिमरन गेंहूं के खेत
में खड़ी थी लेकिन जैसे ही गाना शुरू होता है सिमरन पीले सरसों के फूलों के
बीच खड़ी नज़र आती है.
4. क्वीन
इन फ़िल्म में रानी जब पेरिस चली जाती है तो एकाएक एक
दिन वो घर फ़ोन करती है. वो हींग को अंग्रेज़ी में क्या कहते हैं. जानने के
लिए फ़ोन करती है. गौर करें ये ख्याल उसे पेरिस में आया है, दोनों देशों
में समय का काफ़ी अंतर है, लेकिन फ़िल्म में इंडिया में भी रात दिखा रखी
है.
5. हैदर
इस फ़िल्म के गाने 'बिस्मिल' में शाहिद के पीछे एक
टेलीफ़ोन टावर दिख रहा है, जबकि फ़िल्म में जिस दौर का ज़िक्र है उस दौर
में कश्मीर में टावर नहीं हुआ करते थे.
6. शोले
इस फ़िल्म के समय दूर-दराज के इलाकों में बिजली का
नामों-निशां तक नहीं था लेकिन धर्मेंद्र जिस टंकी पर चढ़कर मौसी से बसंती
का हाथ मांग रहे थे, वो पानी की थी. लेकिन बिना मोटर के पानी ऊपर चढ़ता
कैसे होगा? और बिना बिजली के मोटर कैसे चलती होगी?
7. दिल वाले दुल्हनियां ले जायेंगे
फ़िल्म के क्लाईमेक्स सीन
में जो रेलवे स्टेशन दिखाया गया है, उसका नाम APTA है. जो मुंबई के पास
स्थित है. जबकि फ़िल्म में शादी पंजाब में दिखाई गई है.
8. अंदाज़ अपना-अपना
ये फ़िल्म मेरी पंसदीदा फ़िल्मों में से एक है. इस फ़िल्म में एक सीन के दौरान ही आमिर और सलमान के बाल ट्रिम हो जाते हैं.
हम फ़िल्में बना नहीं सकते लेकिन उनकी कमियां तो निकाल
सकते हैं. हम निर्देशकों के काम की तारीफ़ करते हैं. बाकी पढ़ते रहिए,
देखते रहिए.
इंटरनेट की दुनिया भी अजीब है. हमें बहुत सारा ज्ञान इंटरनेट से मिलता है, मगर कई बार ऐसी चीज़ें हमारे सामने आ जाती हैं, जिन पर विश्वास करना मुश्किल होता है, दरअसल ये अफवाहें होती हैं. पर इन अफवाहों को सच के लिफाफे में लपेटकर हम तक पहुंचाया जाता है और हम इन झूठों को सच मान लेते हैं. यहां हम ऐसी ही 10 अफवाहों का ज़िक्र कर रहे हैं, जो बहुत मशहूर हैं. आपने भी इनके बारे में जरूर सुना होगा-
कहते हैं कि पैसे से ख़ुशी नहीं खरीदी जा सकती. मगर फ़िर भी, अमीर लोग हमेशा ख़ुश नज़र आते हैं. और ऐसा कौन होगा जो अमीर होना न चाहे? यदि आपके बैंक अकाउंट में करोड़ों रुपये पड़े हों तो आपके चेहरे से मुस्कान तो जाती ही नहीं. मगर ऐसा करने में जहां कई अपनी सारी ज़िंदगी परेशान रहते हैं, वहीं कई अप्रत्याशित रूप से सौभाग्यशाली हो जाते हैं. अब इन सौभाग्यशाली लोगों पर ही एक नज़र डालें. मेरा तात्पर्य यह कतई नहीं है कि मैं उनकी जी-तोड़ मेहनत को खारिज करूं. मगर अमीर होने के ये तौर-तरीके आपको दंग न कर दें तो कहना!!!
कहा जाता है कि जंगल की आग से भी तेज़ कोई चीज़ फैलती है तो वो चीज़ अफवाह होती है. और जो बिना किसी सहारे के ही सैकड़ों, हज़ारों मीलों का सफ़र तय कर लेती है. हम हर रोज कोई न कोई नयी ख़बर सुनते हैं, जिनमें से कुछ सच और कुछ झूठ भी हुआ करती हैं. इससे जुड़ी ही एक बहुत पुरानी कहावत है जो हिटलर के प्रचार मंत्री ‘गोएबल्स’ से जुड़ती हैं. गोएबल्स कहता था कि किसी भी झूठ को 100 बार यदि जोर-जोर से बोला जाए तो वह अंतत: सच लगने लगता है. तो पेश हैं इंडिया के वे 10 ऐसे झूठ जिन्हें हम अब तक सच मानते रहे हैं. 1. 1960 रोम ओलम्पिक्स के 400 मीटर रेस के दौरान मिल्खा सिंह ने पीछे मुड़ कर देखा “फ्लाइंग सिक्ख” के नाम से पूरी दुनिया में मशहूर, मिल्खा सिंह 1960 के रोम ओलम्पिक्स के 400 मीटर रेस में कभी भी सबसे आगे नहीं थे. और न ही उन्होंने उस रेस में कभी पीछे मुड़ कर देखा था. वे इस रेस में पांचवे नंबर पर थे और काफ़ी मेहनत-मशक्कत के बाद चौथा स्थान हासिल कर सके थे. Source: merepix 2. नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मृत्यु विमान दुर्घटना में हुई थी सन् 1999 में आई मुखर्जी रिपोर्ट बताती...