
यूं तो पूरे ब्रज की पहचान कान्हा के नाम से है, लेकिन बहुत कम लोगों को
पता है कि बरसाना के श्रीजी मंदिर में उनका खज़ाना है. यहां उनके बेशकीमती
हीरे-जवाहरात, सोना-चांदी, कपड़े और खाने-पीने के बर्तन रखे हुए हैं. इस
कमरे का ताला पिछले 150 सालों से नहीं खोला गया है. इसलिए ख़ज़ाने को अभी तक
किसी ने नहीं देखा है.
इसकी कुल क़ीमत के बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं है. एक अनुमान है
कि इस कमरे में जितना खज़ाना रखा है, उसकी कीमत कई हजार करोड़ रुपए होगी.
श्रीजी मंदिर के जानकारों की मानें तो इस कमरे को ख़ास तरीके से बनाया
गया है. दान-पात्र के रूप में यहां एक झीरी बनाई गई है, जहां से भक्त दान
के रूप में सोना-चांदी वगैरह डाल देते हैं. इस तरह कमरे में खज़ाना जमा होता
रहता है.
इस मंदिर का निर्माण राजा टोडरमल ने करवाया था. उन्होंने इसमें एक
कोषागार भी बनवाया था. इसके बाद भरतपुर रियासत के राजाओं ने मंदिर में
गर्भगृह का निर्माण करवाया. इस दौरान उन्होंने यहां हीरे-जवाहरात रखवा दिए
थे. इस कमरे में ठाकुरजी के कपड़े, मुकुट, गहने, कमरबंद, बांसुरी और
बाजूबंद भी रखे हैं.