अगर नोट को हाथ लगाने के बाद हाथ नहीं धोओगे, तो सेहत से हाथ धो बैठोगे
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शोधकर्ताओं के अनुसार एक नोट में लगभग 26 हज़ार से भी ज़्यादा बैक्टीरिया होते हैं, जो हाथों से होकर आपको कई तरह की गंभीर बीमारियों का शिकार बना देते हैं. ये बैक्टीरिया इतने ख़तरनाक होते हैं जो छोटी से छोटी बीमारी को गंभीर बना देते हैं.आइये अब आपको विस्तार से बताते हैं इस बारे में...
1: क्यों इकट्ठे होते हैं नोट पर बैक्टीरिया?
- नोट (कागज़ की करंसी) कॉटन लिंटर का इस्तेमाल करके बनाया जाता है.- नोट की सतह कुछ खुरदरी होने के कारण इस पर धूल-मिट्टी जमा हो जाती है और नमी होने पर सतह पर बैक्टीरिया आसानी से पनपते हैं.
2: कितने बैक्टीरिया हो सकते हैं एक नोट पर?
- आपको ये जानकर हैरानी होगी कि एक नोट पर औसतन 26 हज़ार बैक्टीरिया हो सकते हैं.- शोध में ये सामने आया है कि भारत ही नहीं बल्कि सऊदी अरब के अलावा और कई देशों में इस तरह के बैक्टीरिया नोट पर पाये गए हैं.
3: किस नोट पर पाये गए सबसे ज़्यादा बैक्टीरिया?
- रिसर्च से ये बात सामने आई है कि नोट जितनी कम करेंसी का होगा वो उतना ही ज़्यादा संक्रमित होगा.- ऐसा इसलिए क्योंकि 5, 10, 20 और 50 रुपए के नोट हर वर्ग के लोगों के पास होते हैं और सबके हाथों से होकर गुज़रते हैं. इसलिए इनके संक्रमित होने का खतरा ज़्यादा होता है.
4: संक्रमित नोट से कौन-कौन सी बीमारियां हो सकती हैं?
बैक्टीरिया युक्त नोट आपके हाथ में आने से लंग इन्फेक्शन, एच-1 एन-1 फ्लू, फ़ूड पॉयज़िनिंग, थ्रोट इन्फेक्शन, निमोनिया, यूरिन इन्फेक्शन जैसी समस्याएं हो सकती हैं.5: कैसे सावधानी बरतें?
अब भले ही नोट कितना भी संक्रमित हो लेकिन कोई नोट को पकड़ना तो बंद नहीं कर सकते. इसलिए नोट से होने वाले संक्रमण से बचने के लिए अपनाएं ये तरीके:नोट को पकड़ने और उसका काम होने के बाद अपने हाथों को साबुन से या सैनेटाइज़र से साफ़ करना चाहिए.