Facebook का आईडिया सबसे पहले मार्क ज़ुकरबर्ग को नहीं, एक भारतीय को आया था. लेकिन कौन?

आज की इस भागती-दौड़ती ज़िन्दगी में लोगों के पास किसी के लिए टाइम नहीं है. कोई भी किसी की बात सुनने में अपना कीमती समय ख़राब नहीं करना चाहता है. इसलिए आजकल किसी भी तरह के मैसेज को लोगों तक पहुंचाने का सबसे अच्छा और सस्ता माध्यम Social Networking साइट्स हैं. फिर चाहे वो Linkedin, Twitter, Google+ या Facebook और न जाने कितनी नेटवर्किंग साइट्स हों. इन साइट्स के माध्यम से लोग अपने विचारों और अपनी बात को समाज तक आसानी से पहुंचा सकते हैं.

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अब बात करते हैं दुनिया की सबसे मशहूर Social Networking Site, Facebook की, जिस पर बच्चे से लेकर बूढ़े तक का अकाउंट मिल जाएगा.
ये तो सबको ही पता होगा कि Facebok Website मार्क ज़ुकरबर्ग ने बनाई है, लेकिन क्या आपको पता है कि Facebook का पूरा आईडिया एक भारतीय का था. जी हां, हो गए न हैरान, लेकिन ये बात सच है.

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अब हम आपको बताते हैं कि वो कौन है जिसका ये आईडिया था?

सोशल नेटवर्किंग की दुनिया में सबसे बड़ी साइट Facebook का आईडिया मार्क ज़ुकरबर्ग का नहीं, बल्कि एक भारतीय दिव्य नरेंद्र के दिमाग की उपज है. नरेंद्र ने ही सबसे पहले पूरी दुनिया को इस तरह से एक-दूसरे के करीब लाने के बारे में सोचा था और अपना ये आईडिया उन्होंने मार्क को बताया.

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अब आप सोच रहे होंगे कि अगर Facebook के बारे में सोचने वाले नरेंद्र हैं, तो वो आजकल क्या कर रहे हैं?

नरेंद्र का जन्म अमेरिका में ही हुआ था और वो अमेरिका में ही रहते हैं. आजकल दिव्य SumZero जो कि एक इन्वेस्टमेंट वेबसाइट है के CEO हैं.

जानिये दिव्य नरेंद्र और मार्क ज़ुकरबर्ग के बीच क्या हुआ था?


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1. 2003 में 'Harvard University' में पढ़ाई करने वाले दिव्य नरेंद्र ने एक सोशल वेबसाइट बनाने के लिए मार्क ज़ुकरबर्ग से बात की, जिसका नाम वो 'Harvard Connection' रखना चाहते थे.
2. दिव्य के 'Harvard Connection' पर काम करते-करते मार्क ने अपनी खुद की साइट बनाने के बारे में सोचा और Facebook वेबसाइट बना दी.
3. मार्क ज़ुकरबर्ग ने 2004 में 'The Facebook' नाम से डोमेन रेजिस्टर करवाया. बाद में उन्होंने 'The Facebook' से 'THE' हटवा दिया और वही वेबसाइट आज आपकी ज़िन्दगी का अभिन्न हिस्सा बन गयी है.
4. अपना आईडिया चुराने के आरोप में दिव्य नरेंद्र ने अपने दो दोस्तों के साथ मिल कर मार्क ज़ुकरबर्ग के खिलाफ़ कोर्ट में मुकदमा दायर किया. लेकिन 2008में दोनों के बीच Out of the Court समझौता हो गया. इस समझौते के तहत मार्क ने दिव्य को 65 मिलियन डॉलर (लगभग 4416 करोड़ रुपए) दिए और साथ ही 0.022% के शेयर भी दिए.
5. अक्टूबर 2003 में मार्क ज़ुकरबर्ग ने FaceMash नाम की एक वेबसाइट बनाई थी. इस वेबसाइट के लिए मार्क ने Harvard का डाटाबेस हैक किया था.
6. FaceMash वेबसाइट पर सबसे खूबसूरत लड़कियों के लिए वोटिंग होती थी. इस वोटिंग में वेबसाइट पर आने वाले लोग हिस्सा लेते थे.
7. FaceMash वेबसाइट के लिए यूनिवर्सिटी का डेटा हैक करने के लिए मार्क ज़ुकरबर्ग को कॉलेज कमेटी ने बुलाया और डांट लगाई.
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