एक कॉलेज स्टूडेंट ने Snapdeal को लगाया चूना. सिर्फ़ 68 रुपये में खरीदा iPhone 5S
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Anonymous
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आजकल इंटरनेट यूज़र्स के लिए ऑनलाइन शॉपिंग कोई नया शब्द नहीं है,
ख़रीदारी के शौकीनों के लिए ऑनलाइन शॉपिंग, ख़रीदारी करने का सबसे आसान
ज़रिया बन गया, एक क्लिक और जितनी चाहे उतनी शॉपिंग. मेट्रो सिटीज़ में ही
नहीं, छोटे शहरों में भी ऑनलाइन शॉपिंग का क्रेज़ तेजी से बढ़ रहा है.
कपड़ें हो या इलेक्ट्रॉनिक्स, लोग सस्ती से लेकर महंगी चीज़ें इंटरनेट से
खरीदना पसंद कर रहे हैं.
ऑनलाइन शॉपिंग की कुछ वेबसाइट में से एक
Snapdeal आजकल काफ़ी चर्चा में है. कुछ टाइम पहले आपने सुना होगा कि बी-टेक
के एक स्टूडेंट ने Snapdeal को लाखों का चूना लगाया, हालांकि वो बाद में
पकड़ा गया. लेकिन आज का मामला कुछ अलग है.
आजकल Snapdeal पर 28,999 में बिकने वाला iPhone 5S एक कॉलेज स्टूडेंट को
मात्र 68रुपए में ही मिल गया. अरे रुकिए! अगर आप ये सोच रहे हैं कि
'Lifehacks' और Cashbakcs' की वजह से उसको iPhone 5S इतना सस्ता मिल गया
है, तो ये गलत है. Snapdeal की तरफ से एक डील के अंतर्गत ऐसा हुआ. इस डील
के बारे में ख़ुद Snapdeal को ही नहीं पता चला.
पंजाब यूनिवर्सिटी से बी-टेक कर रहे निखिल बंसल ने जब देखा कि iPhone पर
99.7% का डिस्काउंट मिल रहा है तो उसने तुरंत फ़ोन बुक कर दिया. निखिल की
जगह कोई भी होता तो ऐसा ही करता.
निखिल ने मात्र 68 रुपए में 12
फरवरी को iPhone 5S आर्डर किया था और बेसब्री से अपना आर्डर आने का वेट कर
रहा था, लेकिन फ़ोन नहीं आया. कस्टमर केयर पर कॉल करने पर उसे पता चला कि
किसी Technical Error की वजह से iPhone 5S का रेट इतना कम आ रहा था, न कि
Snapdeal की तरफ से ऐसा कोई Discount था.
जब फ़ोन नहीं आया तो निखिल ने Snapdeal के ख़िलाफ़ कंस्यूमर कोर्ट में याचिका दायर की.
पंजाब के संगरूर जिले में एक उपभोक्ता अदालत में शिकायत दाखिल कराने के
बाद उसने आरोप लगाया कि Snapdeal ने ‘honor the deal’ से इनकार कर दिया है.
उसके बाद अदालत ने Snapdeal को आदेश दिया कि निखिल को 68 रुपए में ही
iPhone 5S दिया जाए. साथ ही Snapdeal जुर्माने के तौर पर उसे 2000 रुपए भी
अदा करेगी.
Snapdeal ने कोर्ट के फैसले के ख़िलाफ़ याचिका दायर की
Snapdeal
ने उपभोक्ता फोरम में कोर्ट के फैसले के ख़िलाफ़ याचिका दायर की, लेकिन इस
बार Snapdeal को 10,000 रुपए का जुर्माना अदा करने के बाद केस को बंद करने
का आदेश दिया गया.
इंटरनेट की दुनिया भी अजीब है. हमें बहुत सारा ज्ञान इंटरनेट से मिलता है, मगर कई बार ऐसी चीज़ें हमारे सामने आ जाती हैं, जिन पर विश्वास करना मुश्किल होता है, दरअसल ये अफवाहें होती हैं. पर इन अफवाहों को सच के लिफाफे में लपेटकर हम तक पहुंचाया जाता है और हम इन झूठों को सच मान लेते हैं. यहां हम ऐसी ही 10 अफवाहों का ज़िक्र कर रहे हैं, जो बहुत मशहूर हैं. आपने भी इनके बारे में जरूर सुना होगा-
कहते हैं कि पैसे से ख़ुशी नहीं खरीदी जा सकती. मगर फ़िर भी, अमीर लोग हमेशा ख़ुश नज़र आते हैं. और ऐसा कौन होगा जो अमीर होना न चाहे? यदि आपके बैंक अकाउंट में करोड़ों रुपये पड़े हों तो आपके चेहरे से मुस्कान तो जाती ही नहीं. मगर ऐसा करने में जहां कई अपनी सारी ज़िंदगी परेशान रहते हैं, वहीं कई अप्रत्याशित रूप से सौभाग्यशाली हो जाते हैं. अब इन सौभाग्यशाली लोगों पर ही एक नज़र डालें. मेरा तात्पर्य यह कतई नहीं है कि मैं उनकी जी-तोड़ मेहनत को खारिज करूं. मगर अमीर होने के ये तौर-तरीके आपको दंग न कर दें तो कहना!!!
कहा जाता है कि जंगल की आग से भी तेज़ कोई चीज़ फैलती है तो वो चीज़ अफवाह होती है. और जो बिना किसी सहारे के ही सैकड़ों, हज़ारों मीलों का सफ़र तय कर लेती है. हम हर रोज कोई न कोई नयी ख़बर सुनते हैं, जिनमें से कुछ सच और कुछ झूठ भी हुआ करती हैं. इससे जुड़ी ही एक बहुत पुरानी कहावत है जो हिटलर के प्रचार मंत्री ‘गोएबल्स’ से जुड़ती हैं. गोएबल्स कहता था कि किसी भी झूठ को 100 बार यदि जोर-जोर से बोला जाए तो वह अंतत: सच लगने लगता है. तो पेश हैं इंडिया के वे 10 ऐसे झूठ जिन्हें हम अब तक सच मानते रहे हैं. 1. 1960 रोम ओलम्पिक्स के 400 मीटर रेस के दौरान मिल्खा सिंह ने पीछे मुड़ कर देखा “फ्लाइंग सिक्ख” के नाम से पूरी दुनिया में मशहूर, मिल्खा सिंह 1960 के रोम ओलम्पिक्स के 400 मीटर रेस में कभी भी सबसे आगे नहीं थे. और न ही उन्होंने उस रेस में कभी पीछे मुड़ कर देखा था. वे इस रेस में पांचवे नंबर पर थे और काफ़ी मेहनत-मशक्कत के बाद चौथा स्थान हासिल कर सके थे. Source: merepix 2. नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मृत्यु विमान दुर्घटना में हुई थी सन् 1999 में आई मुखर्जी रिपोर्ट बताती...