की-बोर्ड की ‘F’ और ’J’ key पर बने उभार का राज़ जानते हैं आप?
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कभी आपने ये सोचा कि आपके की-बोर्ड की दो Keys यानि 'F'
और 'J' पर उभार क्यों है? आपकी उंगलियों ने टाइप करते हुए ज़रूर इसे महसूस
किया होगा, लेकिन आपका ध्यान शायद ही गया हो. आखिर इसके पीछे की वजह क्या
है?
दरअसल, इसके पीछे का कारण है आपकी सहूलियत, जिससे टाइप करते हुए आपकी
उंगलियां सही key को प्रेस कर सकें और आप आसानी से टाइप कर सकें. इसलिए
आपके दोनों हाथों की तर्जनी उंगली टाइपिंग के समय जहां होती है, उन keys पर
उभार हैं. जिससे दोनों हाथों की बाकी तीनों उंगलियां आसानी से D, S, A और
K, L, Colon (:) पर बिना देखे पहुंच सकें. इससे टाइपिस्ट को स्क्रीन पर
देखते हुए टाइप करने में मदद मिलती है.
इससे दोनों हाथों के अंगूठे भी space button पर रहते हैं.
शायद आपको समझ आ गया होगा कि इन दो keys पर ही उभार क्यों बनाए गए हैं.
नहीं तो कुछ ऐसा हाल होता लैपटॉप का.
कभी आपने ये सोचा कि आपके की-बोर्ड की दो Keys यानि 'F'
और 'J' पर उभार क्यों है? आपकी उंगलियों ने टाइप करते हुए ज़रूर इसे महसूस
किया होगा, लेकिन आपका ध्यान शायद ही गया हो. आखिर इसके पीछे की वजह क्या
है?
दरअसल, इसके पीछे का कारण है आपकी सहूलियत, जिससे टाइप करते हुए आपकी
उंगलियां सही key को प्रेस कर सकें और आप आसानी से टाइप कर सकें. इसलिए
आपके दोनों हाथों की तर्जनी उंगली टाइपिंग के समय जहां होती है, उन keys पर
उभार हैं. जिससे दोनों हाथों की बाकी तीनों उंगलियां आसानी से D, S, A और
K, L, Colon (:) पर बिना देखे पहुंच सकें. इससे टाइपिस्ट को स्क्रीन पर
देखते हुए टाइप करने में मदद मिलती है.
इससे दोनों हाथों के अंगूठे भी space button पर रहते हैं.
शायद आपको समझ आ गया होगा कि इन दो keys पर ही उभार क्यों बनाए गए हैं.
नहीं तो कुछ ऐसा हाल होता लैपटॉप का.
इंटरनेट की दुनिया भी अजीब है. हमें बहुत सारा ज्ञान इंटरनेट से मिलता है, मगर कई बार ऐसी चीज़ें हमारे सामने आ जाती हैं, जिन पर विश्वास करना मुश्किल होता है, दरअसल ये अफवाहें होती हैं. पर इन अफवाहों को सच के लिफाफे में लपेटकर हम तक पहुंचाया जाता है और हम इन झूठों को सच मान लेते हैं. यहां हम ऐसी ही 10 अफवाहों का ज़िक्र कर रहे हैं, जो बहुत मशहूर हैं. आपने भी इनके बारे में जरूर सुना होगा-
कहते हैं कि पैसे से ख़ुशी नहीं खरीदी जा सकती. मगर फ़िर भी, अमीर लोग हमेशा ख़ुश नज़र आते हैं. और ऐसा कौन होगा जो अमीर होना न चाहे? यदि आपके बैंक अकाउंट में करोड़ों रुपये पड़े हों तो आपके चेहरे से मुस्कान तो जाती ही नहीं. मगर ऐसा करने में जहां कई अपनी सारी ज़िंदगी परेशान रहते हैं, वहीं कई अप्रत्याशित रूप से सौभाग्यशाली हो जाते हैं. अब इन सौभाग्यशाली लोगों पर ही एक नज़र डालें. मेरा तात्पर्य यह कतई नहीं है कि मैं उनकी जी-तोड़ मेहनत को खारिज करूं. मगर अमीर होने के ये तौर-तरीके आपको दंग न कर दें तो कहना!!!
कहा जाता है कि जंगल की आग से भी तेज़ कोई चीज़ फैलती है तो वो चीज़ अफवाह होती है. और जो बिना किसी सहारे के ही सैकड़ों, हज़ारों मीलों का सफ़र तय कर लेती है. हम हर रोज कोई न कोई नयी ख़बर सुनते हैं, जिनमें से कुछ सच और कुछ झूठ भी हुआ करती हैं. इससे जुड़ी ही एक बहुत पुरानी कहावत है जो हिटलर के प्रचार मंत्री ‘गोएबल्स’ से जुड़ती हैं. गोएबल्स कहता था कि किसी भी झूठ को 100 बार यदि जोर-जोर से बोला जाए तो वह अंतत: सच लगने लगता है. तो पेश हैं इंडिया के वे 10 ऐसे झूठ जिन्हें हम अब तक सच मानते रहे हैं. 1. 1960 रोम ओलम्पिक्स के 400 मीटर रेस के दौरान मिल्खा सिंह ने पीछे मुड़ कर देखा “फ्लाइंग सिक्ख” के नाम से पूरी दुनिया में मशहूर, मिल्खा सिंह 1960 के रोम ओलम्पिक्स के 400 मीटर रेस में कभी भी सबसे आगे नहीं थे. और न ही उन्होंने उस रेस में कभी पीछे मुड़ कर देखा था. वे इस रेस में पांचवे नंबर पर थे और काफ़ी मेहनत-मशक्कत के बाद चौथा स्थान हासिल कर सके थे. Source: merepix 2. नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मृत्यु विमान दुर्घटना में हुई थी सन् 1999 में आई मुखर्जी रिपोर्ट बताती...